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Harish Rawat: हरीश की उत्तराखंड में ग्रांड एंट्री से समर्थकों में उत्साह, हरदा ने लौटकर कार्यकर्ताओं में भरा जोश, तस्वीरें

Sun, 26 Dec 2021 02:46 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : अमर उजाला
कांग्रेस में हरीश रावत के ट्वीट प्रकरण के बाद जिस अंदाज में उन्होंने दिल्ली से उत्तराखंड में एंट्री की है, उससे उनके समर्थकों का उत्साह सातवें आसमान पर पहुंच गया है। इलेक्शन कैंपेन कमेटी के चेयरमैन के रूप में फ्री हैंड का अधिकार लेकर दून लौटे हरीश ने काफी हद तक ट्वीट के मायने भी स्पष्ट भी किए तो कार्यकर्ताओं को इस उल्लास और उत्साह को परिणामों में बदलने का मंत्र भी दिया। उनके करीबियों की मानें तो अब स्पष्ट हो गया है, जिसके नेतृत्व में युद्ध लड़ा जाएगा, वही योद्धा कहलाएगा। 

हरीश रावत की एंट्री के साथ ही पार्टी के भीतर एक गुट उत्साह से लबरेज है, वहीं दूसरे गुट ने वक्त की नजाकत को देखते हुए फिलहाल चुप्पी साध रखी है। सब साथ चलेंगे, सब साथ काम करेंगे का मंत्र लेकर लौटे हरीश रावत ने इसे दोहराया और मीडिया के माध्यम से साथ न चलने वालों को भी स्पष्ट संदेश दिया।

Harish Rawat: आत्मविश्वास और उत्साह से लबरेज दिखे उत्तराखंड लौटे हरीश रावत, कहा- दुल्हन वही जो पिया मन भाए 

दूसरे धड़े की ओर से जोर देकर इस बात को बार-बार दोहराया जा रहा था, चुनाव सामूहिक नेतृत्व में लड़ा जाएगा, लेकिन अब हाईकमान से स्पष्ट कर दिया है, चुनाव हरीश रावत के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। सामूहिक से हरीश में परिवर्तित हुए इस एक शब्द का वाण उनके विरोधियों के लिए चुभने वाला हो सकता है, लेकिन हरीश समर्थकों के लिए यह किसी भी उत्साह के चरम पर पहुंचने जैसा ही है। 
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- फोटो : अमर उजाला
पार्टी उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट ने कहा कि हरीश रावत के स्वागत के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं से राज्य की सीमा नारसन बार्डर पर पहुंचने का आह्वान किया गया था, लेकिन कार्यकर्ता रामपुर तिराहे तक जमा हो गए। उन्होंने कहा कि जिस तरह से लोग उनके स्वागत में उमड़े हैं, उससे अब स्पष्ट हो गया है, लोग उनके नेतृत्व में इस राज्य की कमान सौंपने का मन बना चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब तो हाईकमान ने भी कह दिया है कि सामूहिक नहीं, हरीश रावत के नेतृत्व में चुनाव लड़ा जाएगा। इसके बाद किसी के मन में कोई सवाल नहीं रहना चाहिए। 
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- फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड में कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के सरकार से इस्तीफे की खबरों के बाद जहां एक बार फिर बागियों की कांग्रेस में वापसी की खबरों ने जोर पकड़ा, वहीं पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि बागी कांग्रेस में किसके संपर्क में हैं, उन्हें जानकारी नहीं है। उन्होंने एक बार फिर दोहराया जिन लोगों ने 2016 में बगावत की और लोकतंत्र  के साथ अपराध किया है, अगर वह कह दें की गलती हो गई तो वह उन्हें रोकने के लिए डंडा लेकर खड़े नहीं होंगे।

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- फोटो : अमर उजाला
हरीश रावत ने कहा कि हालांकि पार्टी में कौन आएगा, कौन नहीं, यह विशेषाधिकार पार्टी अध्यक्ष को है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उत्तराखंड एक-दूसरे के पर्यायवाची हैं, ऐसे में जो स्वभाव कांग्रेस को नहीं पच पाता है, वह उत्तराखंड को भी नहीं पच पाता है। ऐसे में हमारी कोशिश है कि उसे भाजपा में ही रखें तो ज्यादा अच्छा है। 
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हरक सिंह प्रकरण में हरीश रावत ने कहा कि यह भाजपा के भीतर का झगड़ा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड भाजपा के भीतर ऐसे बहुत से झगड़े हैं, जो धीरे-धीरे सतह पर आने लगे हैं। शुरुआत उत्तराखंड से हुई है, आने वाले दिनों में दिल्ली में भी ऐसे ही झगड़े सामने आएंगे। भाजपा वाले खुद को अनुशासित पार्टी कहते हैं, उनसे ज्यादा अनुशासन कांग्रेस पार्टी में है। हरीश रावत के देहरादून लौटने पर उनके समर्थकों ने जहां उनका जोरदार स्वागत किया वहीं नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह और उनके समर्थकों ने दूरी बनाकर रखी। 
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