रामगढ़ में आपदा
- फोटो : अमर उजाला
दोपहर दो बजे
झूतिया गांव में जहां आपदा से परिवार के तीन लोगों की जान गई, वहां घर का नामोनिशान नहीं है। हर ओर सिर्फ और सिर्फ मलबा ही दिख रहा है। यहीं से करीब 300 मीटर की दूरी पर स्थित एक और मकान आपदा की चपेट में आया है लेकिन आपदा से ठीक पहले लोगों ने मकान छोड़ दिया था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।
दोपहर ढाई बजे
अमर उजाला की टीम को अपने करीब देख क्षेत्र के कई ग्रामीण अपना दुखड़ा सुनाने आ गए। आपदा में गांव के एक ही परिवार के तीन लोगों की जान जाने से ये लोग अब भी खौफजदा हैं। इन ग्रामीणों की कई नाली जमीन तबाह हो गई है। बुजुर्गों कहते हैं कि ऐसी बारिश उन्होंने अपने जीवन में आजतक नहीं जीती। प्रशासन के यहां नहीं पहुंचने लोग गुस्साए हैं।