पुष्कर सिंह धामी के दोबारा विधायक दल का नेता चुनने के साथ ही सीएम आवास से जुड़ा एक बड़ा मिथक पूरी तरह से टूट गया। यह मिथक एनडी तिवारी के कार्यकाल से चला आ रहा था, जो कई बार सच भी साबित हुआ है। दरअसल, राजभवन के बगल में मुख्यमंत्री आवास का निर्माण कार्य एनडी तिवारी ने शुरू कराया था।
निर्माण शुरू होने के साथ ही उनका कार्यकाल पूरा हो गया था और वह दोबारा सत्ता में नहीं लौट पाए। इसके बाद 2007 में जब मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी(सेनि) मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने इस आवास का निर्माण कार्य पूरा कराया। उन्होंने ही आधिकारिक तौर पर इसका उद्घाटन भी किया लेकिन वह ज्यादा दिन सीएम नहीं रह पाए। इ
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सके बाद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक सूबे के मुख्यमंत्री बने। वह भी इस बंगले में आए लेकिन कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए। इसके बाद विजय बहुगुणा, त्रिवेंद्र सिंह रावत भी इस आवास में रहे और कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए। हालांकि हरीश रावत जब मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने इस आवास में कदम नहीं रखा।