चमोली आपदा
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हरक सिंह राणा मूल रूप से रैणी गांव के ही निवासी हैं और लंबे समय से उनका परिवार हरिद्वार में रहता है। आपदा के बाद से हरक सिंह टीम के साथ रैणी और तपोवन क्षेत्र में राहत-बचाव कार्य में लगे हैं। सात फरवरी को जल प्रलय से पहले सौंणी देवी गांव के जलस्रोत पर पानी भरने गई थी, जबकि उसकी पुत्री मंजू रावत घर के कमरे में ही थी।