तपोवन टनल तक जाने के लिए नीचे उतरते जवान
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करीब तीन मीटर तक पानी भर गया था। जैसे-जैसे समय बढ़ रहा था, साथियों का हौसला टूटने लगा था। अस्पताल में भर्ती चित्रा, बसंतु, किरण, शिवराज आदि का कहना है कि बाहर आकर ऐसा लगा कि हमें नया जीवन मिल गया है। आईटीबीपी के चिकित्सक डा. संजय कुमार ने बताया कि सभी मजदूर खतरे से बाहर हैं। किसी को ज्यादा चोटें नहीं आई हैं।