चमोली में आपदा
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जोशीमठ-मलारी हाईवे पर जोशीमठ से करीब 23 किलोमीटर की दूरी पर रैणी गांव स्थित है। इसके साथ ही यहां आसपास पेंण, मुरंडा, पल्ला रैणी, लाता, सुरांईथोटा, सुकी, भलागांव, तोलमा, फक्ती, तमक और लौंग गांव हैं। जहां की जनसंख्या करीब दो हजार तक है। पर्यावरणविद् पद्मभूषण डॉ.अनिल जोशी ने कहा कि हिमालयी क्षेत्रों में बांध बनाने के लिए नए सिरे से सोचने की आवश्यकता है।