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Uttarakhand Glacier Burst: आपदा के बीच जवानों ने ऐसे बचाई 40 जिंदगियां, देखें जांबाजों के जोश से भरी तस्वीरें...

Sun, 07 Feb 2021 09:20 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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चमोली आपदा में बचाव कार्य करते जवान - फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड के चमोली में आई आपदा के दौरान एसडीआएफ, एनडीआरएफ और आईटीबीपी के जवानों ने 40 जिंदगियों को बचाया। विपरीत परिस्थितियों में जवानों ने हौसला दिखाते हुए जब लोगों को मलबे से बाहर निकाला तो उनके चेहरे की खुशी देखने लायक थी। तस्वीरें देखिए...
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चमोली आपदा में बचाव कार्य करते जवान - फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि आपदा में कम से कम 125 लोगों के लापता होने की जानकारी है। सात शव बरामद कर लिए गए हैं। करीब 40 लोगों को बचा भी लिया गया है। बचाव और राहत कार्य सरकार की पहली प्राथमिकता है, इसमें पूरी क्षमता से काम किया जा रहा है। 
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चमोली आपदा में व्यक्ति को बचाते जवान - फोटो : अमर उजाला
रविवार देर शाम आपदा कंट्रोल रूम का निरीक्षण करने के बाद मीडिया से मुखातिब मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि यह हिमस्खलन है या कोई झील टूटी है, इसका अभी पता नहीं चल पाया है। नुकसान का आकलन किया जा रहा है। प्रदेश सरकार इतना जरूर कह सकती है कि राहत और बचाव के लिए सभी कुछ मौजूद है।

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चमोली आपदा में व्यक्ति को बचाते जवान - फोटो : अमर उजाला
नीति घाटी में रेणी गांव के पास ऋषि गंगा में अचानक पानी और मलबा आने की जानकारी मिली थी। यहां पर दो जल विद्युत परियोजनाएं हैं और दोनों को ही नुकसान हुआ है। करीब 13 मेगावाट की एक परियोजना में 35-36 लोग काम करते थे। इसी परियोजना से पांच किलोमीटर की दूरी पर निर्माणाधीन एनटीपीसी की जल विद्युत परियोजना में करीब 176 श्रमिक कार्यरत थे, उनका रिकॉर्ड गायब हो गया है।
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तपोवन टनल तक जाने के लिए नीचे उतरते जवान - फोटो : अमर उजाला
उनके मुताबिक बचाव एवं राहत कार्य तुरंत शुरू कर दिया गया था। उन्होंने खुद हवाई सर्वे किया और इसके बाद गाड़ी से रैणी गांव तक पहुंचे। देर शाम तक पानी का बहाव श्रीनगर आते-आते धीमा हो गया था और इससे आगे किसी खतरे की आशंका नहीं जताई जा रही है। 
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चमोली आपदा में व्यक्ति को बचाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
देर शाम तक धौली गंगा पर रैणी गांव को अन्य से जोड़ने वाला 90 स्पान का मोटर पुल और चार अन्य झूला पुलों के बहने की जानकारी है। धौली गंगा के एक किनारे पर करीब 17 गांव हैं, जो सड़क न होने के कारण संपर्क से कट गए हैं। इनमें से 11 गांव माइग्रेटरी हैं और सर्दियों में इन गांवों के लोग गोपेश्वर आ जाते हैं।
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तपोवन टनल में फंसे मजदूरों को निकालते जवान - फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री ने बताया कि दोनों जल विद्युत परियोजनाओं की दो सुरंगे हैं। एक सुरंग करीब 150 मीटर की है और दूसरी करीब 250 मीटर की है। एक सुरंग में करीब 15 लोगों और दूसरी सुरंग में करीब 35 लोगों के फंसे होने का अनुमान है। 250 मीटर वाली सुरंग को देर शाम तक आईटीबीपी ने करीब 150 मीटर खोद लिया था। यहां मशीन न पहुंच पाने के कारण काम धीमी गति से हो रहा है।
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चमोली आपदा में बचाव कार्य के बाद खुश होते जवान - फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री ने बताया कि जल विद्युत परियोजनाओं में काम करने वाले स्थानीय लोग रविवार होने के कारण अवकाश पर थे। रैणी गांव के एक भेड़ पालक की भेड़ आपदा की भेंट चढ़ने की जानकारी है। ऋषिकेश, हरिद्वार, श्रीनगर आदि के लिए हालात सामान्य हैं। 
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