उत्तराखंड के चमोली जिले स्थित नीती और माणा घाटियां चीन की सीमा पर स्थित हैं। देश की सीमा पर बसे इन गांवों को देखिए तस्वीरों में... ये तस्वीर है माणा गांव की।
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चीन सीमा पर इन्हीं गांवों में लगेगी उत्तराखंड की कैबिनेट, तस्वीरें
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चीन की सीमा से सटा माणा गांव उत्तराखंड के चारधामों में से प्रमुख धाम बदरीनाथ के बाद स्थित है। सीमा पर स्थित होने के चलते इसे देश का अंतिम गांव भी कहते हैं।
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चमोली जिले ही स्थित नीती घाटी का यह मनारी गांव है। बदरीधाम के पास होने के चलते माणा गांव में तो सुविधाएं हैं पर नीती घाटी में लोगों तक अभी भी बुनियादी सुविधाएं नहीं पहुंच पाई है।
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लोग नीती और माणा घाटियों को एक ही मानकर चलते हैं, लेकिन ये दोनों घाटियां बेहद दूरी पर हैं। जोशीमठ से दोनों घाटियों के लिए अलग-अलग सड़कें जाती हैं। जोशीमठ से नीती 74 और माणा गांव 48 किमी की दूरी पर स्थित है। सीमा पर स्थित इन घाटियों में अभी भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है।
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यहां भोटिया जनजाति के ग्रामीण निवास करते हैं, जो शीतकाल में जिले के निचले क्षेत्रों में और ग्रीष्मकाल में अपने पैतृक गांवों में लौट आते हैं। लेकिन अब सुविधा न मिलने के चलते यहां के लोग पैतृक गांवों में वापस नहीं लौट रहे। सीमा पर स्थित होने के कारण यहां लोगों का रहना सुरक्षा की दृष्टि से भी जरूरी है। ऐसे में सीएम रावत द्वारा अगली कैबिनेट बैठक इन्हीं गांवों में से किसी एक में करने के फैसले से यहां विकास की उम्मीद जगी है।
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मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा है कि सीमा पर स्थित नीती, मनारी और माणा गांव में से ही किसी एक गांव में अगली कैबिनेट बैठक होगी। कैबिनेट की बैठक अगर इन गांवों में से कहीं होगी तो यह पक्का है कि यहां पर विकास के अवसर उपलब्ध होंगे।