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उत्तराखंड बजट 2021 : बिना रुके डेढ़ घंटे तक बजट भाषण पढ़ते गए मुख्यमंत्री, नई सौगात से सबको चौंकाया

Fri, 05 Mar 2021 10:14 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal राकेश खंडूड़ी, अमर उजाला, भराड़ीसैंण
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बजट पेश करते सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत - फोटो : अमर उजाला
जीवन नहीं यह रणभूमि है, बस कर्म है तेरे हाथ में.. बुरा दौर भी आया था, अच्छा दौर आएगा.. आठ पंक्तियों की इस कविता के साथ गुरुवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपने बजट भाषण की शुरुआत की। 54 पेज के लंबे भाषण को बिना रुके डेढ़ घंटे तक पढ़ने के बाद मुख्यमंत्री ने ग्रीष्मकालीन राजधानी के लिए सौगातों का पिटारा खोलकर सबको चौंका दिया। सबसे पहले उन्होंने समूचे सदन को राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस की शुभकामनाएं दीं और राज्य आंदोलनकारियों को याद किया। वे सीमा पर तैनात सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवान को याद करना भी नहीं भूले। कोविड से जंग लड़ने वाले कोविड योद्धाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने अपने मंत्रियों और अधिकारियों का आभार जताया। लंबा कोट और सिर पर पहाड़ी टोपी पहनकर मुख्यमंत्री सदन में जब दाखिल हुए तब सदन की कार्यवाही चल रही थी। पंचायती राज विधेयक पर चर्चा गरम थी कि स्पीकर ने घड़ी की सुई चार बजाते देखी। उन्होंने विधेयक पर चर्चा जारी रखने की बात कही और मुख्यमंत्री ने वित्त मंत्री के रूप में बजट अभिभाषण पढ़ना शुरू कर दिया। उन्होंने जब कहा कि बुरा दौर भी आया था, अच्छा दौर भी आएगा, तो विपक्षी दीर्घा में बैठे कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन ने भी अपने अंदाज में इस पर हामी भरी। शायद वे बुरे दौर से गुजर रही कांग्रेस के बारे में विचार कर रहे थे।

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सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत - फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत 14वें और 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों पर राज्य के लिए घोषित धनराशि की तुलना करने से भी नहीं चूके।
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सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
बाकायदा बजट में इसका जिक्र किया गया कि 14वें वित्त में राजस्व घाटा अनुदान में राज्य को कुछ भी नहीं मिला था। लेकिन 15वें वित्त ने 28147 करोड़ का प्रावधान किया। स्थानीय निकायों, राज्य आपदा, केंद्रीय करों में राज्य के हिस्सेदारी भी बढ़ाई है। 

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सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
अंत में उन्होंने अपना भाषण मंजिलें भी जिद्दी हैं, रास्ते भी जिद्दी हैं, देखते हैं कल क्या हो, हौसले भी जिद्दी हैं कविता से संपन्न किया। लेकिन मुख्यमंत्री की भाव भंगिमा बता रही थीं कि उनके पिटारे में और भी सौगातें हैं।
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सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
लोग अंदाज तो लगा रहे थे कि मुख्यमंत्री गैरसैंण के लिए कुछ घोषणा करेंगे। लेकिन जिस खामोशी के साथ उन्होंने गैरसैंण को कमिश्नरी बनाने की घोषणा की, उसकी गूंज समूचे राज्य में सुनाई देना तय माना जा रहा है। यह उन लोगों को अचरज में डालने वाली घोषणा है, जो गैरसैंण को जिला बनाने की वकालत कर रहे थे।
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