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उत्तराखंड हिमस्खलन: नौसेना के चारों जवानों के पार्थिव शरीर नेवी हेड क्वार्टर भेजे, दो की तलाश जारी, तस्वीरें...

Sun, 03 Oct 2021 07:23 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोशीमठ
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चारों जवानों के पार्थिव शरीर नेवी हेड क्वार्टर भेजे - फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड में त्रिशूल पर्वत आरोहण के दौरान हिमस्लखन की चपेट में आए नौ सेना के चारों जवानों के पार्थिव शरीर वायु सेना के हेलीकॉप्टर से नेवी हेड क्वार्टर के लिए भेज दिए हैं। जहां से पार्थिव शरीर उनके पैतृक घर भेजे जाएंगे। 

त्रिशूल पर्वत पर पर्वतारोहण के लिए नौसेना के दल के कुछ सदस्य हिमस्लखन की चपेट में आ गए थे। शुक्रवार से लापता जवानों की तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। भारतीय सेना की ओर से रेस्क्यू कर शनिवार देर शाम चार जवानों के शव बरामद कर लिए गए थे, जिन्हें रविवार को वायु सेना के विशेष हेलीकॉप्टर से जोशीमठ लाया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जोशीमठ में चिकित्सकों ने चारों का पोस्टमार्टम करने के बाद आर्मी के सुपुर्द कर दिया। 

यह भी पढ़ें... उत्तराखंड हिमस्खलन: माउंट त्रिशूल आरोहण के लिए गए नौसेना के चार अफसरों के शव मिले, दो की तलाश जारी

आर्मी हेलीपैड पर चारों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद विशेष हेलीकॉप्टर से हेड क्वार्टर भेज दिया है। लापता जवानों की तलाश में भारतीय सेना का खास योगदान रहा। लगातार खराब मौसम के बावजूद सेना ने रेस्क्यू ऑपरेशन कर चारों जवानों के शव बरामद किए, जबकि अभी एक जवान और शेरपा लापता है, जिनकी तलाश जारी है।
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चारों जवानों के पार्थिव शरीर नेवी हेड क्वार्टर भेजे - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि त्रिशूल पर्वत पर आरोहण के लिए नौसेना का दल 23 सितंबर को सुतोल गांव से आगे निकला था। रविवार सुबह करीब पांच बजे दल के कुछ सदस्य हिमस्खलन की चपेट में आने से लापता हो गए थे। तभी से लापता सदस्यों की तलाश के लिए अभियान चल रहा था।
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चारों जवानों के पार्थिव शरीर नेवी हेड क्वार्टर भेजे - फोटो : अमर उजाला
शनिवार सुबह जोशीमठ के सैन्य हेलीपैड से थल सेना और वायु सेना के हेलीकॉप्टरों ने त्रिशूल पर्वत के लिए उड़ान भरी। वहीं पैदल मार्ग से भी सेना और एसडीआरएफ के जवान घटनास्थल की ओर रवाना हुए। निम और गुलमर्ग से बुलाई गई टीम भी तलाश अभियान में जुटी रही।

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रेस्क्यू के लिए जाती टीमें - फोटो : अमर उजाला
हालांकि, बचाव अभियान में खराब मौसम की वजह से बार-बार अड़चन आती रही। बाद में चार अधिकारियों के शव बरामद कर लिए गए। दो लापता की तलाश जाीर है। बताया जा रहा है कि अभियान दल में शामिल नौसेना के कमांडर कार्तिकेयन सुंदरम व उनकी 13 वर्षीय बेटी काम्या व अन्य सदस्य बेस कैंप में सुरक्षित हैं। 
 
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रेस्क्यू के लिए जाती टीमें - फोटो : अमर उजाला
सोमवार को सुरक्षित दल के सदस्यों को सुतोल गांव लाया जा सकता है। सुतोल गांव में ईको पर्यटन समिति के अध्यक्ष कमल सिंह ने बताया कि रविवार को सुबह सेना का दल त्रिशूल ट्रेक के लिए रवाना हुआ। वहीं, लापता नौसेना के सदस्यों की खोज के लिए गया निम का दल लौट आया है। निम ने हाई एल्टीट्यूड वारफेयर स्कूल गुलमर्ग के साथ सर्च अभियान में प्रतिभाग किया था। एचएडब्ल्यूएस और एसडीआरएफ सर्च अभियान चला रही है। 
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लापता लोगों के लिए सर्च अभियान - फोटो : अमर उजाला
बदरीनाथ वन्य जीव प्रभाग के डीएफओ आशुतोष सिंह ने बताया कि मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक से चार लोगों को माउंट त्रिशूल के पर्वतारोहण की अनुमति मिली थी। अनुमतिपत्र में पर्वतारोही दल को चमोली के बदरीनाथ वन्य जीव प्रभाग के डीएफओ कार्यालय से अनुमति लेने के लिए भी कहा गया है। लेकिन, दल ने वन विभाग से संपर्क नहीं किया। इस वजह से वन विभाग को पर्वतारोही दल के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं है।
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