चुनाव के शुरुआती समय में भाजपा ने सीडीएस बिपिन रावत के घर तक पहुंच बनाने की कोशिश की। सूत्रों के मुताबिक, पहले भाजपा ने उनकी बेटियों को प्रदेश की सियासत में उतारने की कोशिश की। इसके बाद उनके भाई कर्नल विजय रावत को पार्टी की सदस्यता दिलाई। बताया जाता है कि उन्हें चुनाव मैदान में उतरने का ऑफर भी दिया गया, लेकिन उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से इनकार कर दिया।