उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहने के दौरान जनसभा के लिए देहरादून पहुंचे कल्याण सिंह लम्ब्रेटा स्कूटर पर पीछे बैठकर घूमा करते थे। उनके करीबी डा. बालेश्वर पाल उन्हें स्कूटर पर ही एक से दूसरी जगह लाते-ले जाते थे। घंटाघर पर उन्होंने ऐतिहासिक जनसभा की थी। तब भी वह स्कूटर पर बैठकर ही सभा स्थल पर पहुंचे। मुख्यमंत्री बनने के बाद भी कई बार कल्याण सिंह दून आए। उन्होंने यहां कई भवनों व निर्माण कार्यों का शिलान्यास व लोकार्पण किया था, जो आज भी उनकी याद दिलाते हैं। दून में डा. बालेश्वर पाल उस वक्त कल्याण सिंह के सबसे खास हुआ करते थे। जिस दौरान कल्याण सिंह प्रदेश अध्यक्ष बने, डा. पाल दून के महामंत्री पद पर थे। डा. बालेश्वर पाल ने बताया कि उनकी राजनीतिक समझ बहुत जबरदस्त थी। नगर पालिका चुनाव के दौरान एक बार वो दून आए थे। तब उन्होंने मुझसे पूछा कि प्रोफेसर साहब 27 में से कितनी सीटें जीत जाओगे। मैंने कहा कि 10-12 तो जीत ही जाएंगे। उन्होंने कहा कि चार से ज्यादा नहीं जीत पाएंगे। इससे ज्यादा जीत जाओगे तो लखनऊ आ जाना। बाद में नतीजे आए तो वास्तव में हमने चार ही सीटें जीती थी। डा. पाल ने बताया कि पद से हटने के बाद भी अधिकारी उनका बहुत सम्मान करते थे। एक बार मुझे औरेया के जिलाधिकारी से काम पड़ा तो मैं उनके पास पहुंचा। उन्होंने तुरंत जिलाधिकारी को फोन किया और कहा कि इनका काम होना है। करीब एक घंटे बाद जैसे ही हम वहां से बाहर निकले, डीएम का फोन आ गया।