सीएम योगी
डर से छात्राएं रोने लगीं। तभी उन्होंने देखा कि सामने से एक बस आ रही है। योगी तुरंत सड़क पर खड़े हो गए और तेज रफ्तार बस को रुकने का इशारा किया। चालक ने उन्हें डराने के लिए रफ्तार बढ़ा दी, लेकिन योगी सड़क पर डटे रहे। करीब पहुंचकर चालक ने ब्रेक मारे, उसके बाद योगी ने साथियों को बस में बैठाया। शांतनु गुप्ता ने बताया कि योगी सार्वजनिक रूप से बेहद उग्र और हाजिर जवाब माने जाते हैं, लेकिन वह उतने शर्मीले भी हैं। उन्होंने बताया कि जब वह योगी के पास उनकी जीवनी लिखने का प्रस्ताव लेकर गए तो वह शर्माते हुए बोले ‘क्या करोगे मुझ पर किताब लिखकर’।