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पढ़िए, चीन से देश को बचाने वाले सैनिक की हैरतंगेज कहानी, आज फिल्म हुई है रिलीज

Fri, 18 Jan 2019 12:16 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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martyr rifleman jaswant singh rawat - फोटो : अमर उजाला
देवभूमि में स्थित पौड़ी गढ़वाल के मूल निवासी शहीद राइफलमैन जसवंत सिंह रावत के बलिदान और साहस की गाथा पर आधारित फिल्म 72 ऑवर्स आज (शुक्रवार) रिलीज हो गई है।
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martyr, rifleman, jaswant singh rawat
अविनाश ध्यानी की लिखी फिल्म में ध्यानी खुद शहीद जसवंत सिंह रावत की मुख्य भूमिका निभाते नजर आएंगे।
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jaswant singh rawat
फिल्म 72 ऑवर्स अरुणाचल प्रदेश के नेफा बॉर्डर पर होने वाले भारत-चीन युद्ध पर केंद्रित है। जहां जसवंत सिंह रावत ने अकेले 72 घंटों तक दुश्मन सेना के 300 सैनिकों को ढेर कर दिया था।

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jaswant singh
फिल्म में 21 साल का एक नौजवान कैसे भूखा-प्यासा रहकर अरुणाचल के बॉर्डर पर लगातार 72 घंटे तक दुश्मनों से लड़ता है और वीरगति को प्राप्त होता है दिखाया गया है।
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jaswant singh
इस फिल्म को अविनाश ध्यानी ने लिखा है। जेएसआर प्रोडक्शन के बैनर तले इस फिल्म को बनाया गया है। बता दें कि उत्तराखंड में पौड़ी जिले के बरयूं गांव के रहने वाले राइफलमैन जसवंत सिंह रावत ने 1962 के भारत-चीन युद्ध में 300 चीनी सैनिकों को मौत के घाट उतारा था। 
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jasawant singh
शहीद जसवंत ने 72 घंटे तक अकेले ही चीनी सेना से संघर्ष किया था और 300 चीनी सैनिकों को मौत के घाट उतारा था। शहीद होने के बाद भी भारतीय सेना में उनको सेवारत माना जाता रहा और पदोन्नति भी मिली। अरुणाचल प्रदेश के नौरांग में जहां जसवंत सिंह शहीद हुए, उस जगह को जसवंतगढ़ के नाम से जाना जाता है। जसवंतगढ़ में उनका मंदिर है, जहां स्थानीय निवासी उनकी पूजा करते हैं।
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film shooting - फोटो : demo
वास्तविकता दिखाने के लिए फिल्म की शूटिंग 7 हजार फीट की ऊंचाई पर की गई है। शूटिंग लगभग एक साल चली। फिल्म के जरिए वर्तमान पीढ़ी उत्तराखंड के वीरों के जीवन से रूबरू होगी और जान सकेंगे कि किस प्रकार जसंवत ने अकेले रहते हुए हिम्मत नहीं हारी और चीनी सेना को धूल चटाई।
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