jasawant singh
शहीद जसवंत ने 72 घंटे तक अकेले ही चीनी सेना से संघर्ष किया था और 300 चीनी सैनिकों को मौत के घाट उतारा था। शहीद होने के बाद भी भारतीय सेना में उनको सेवारत माना जाता रहा और पदोन्नति भी मिली। अरुणाचल प्रदेश के नौरांग में जहां जसवंत सिंह शहीद हुए, उस जगह को जसवंतगढ़ के नाम से जाना जाता है। जसवंतगढ़ में उनका मंदिर है, जहां स्थानीय निवासी उनकी पूजा करते हैं।