अक्सर समाज में बच्चे अपने माता-पिता को पहचान दिलाते हैं। लेकिन, लखनऊ की एक महिला इनाक्षी चंदेल को उनके डॉगीज ने समाज में अलग पहचान दिलाई है।
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उनके दो लेब्राडोर डॉग्स चोको और चिली ने एफसीआई इंटरनेशनल डॉग शो में कुल चार खिताब दिलाए है। इनाक्षी दोनों को अपने बच्चों की तरह प्यार करती है। यही वजह है कि उन्होंने उनके नाम के आगे अपना नाम कैनल क्लब ऑफ इंडिया (केसीआई) में रजिस्टर कराया है।
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रविवार को रेंजर्स ग्राउंड में डॉग शो में पहुंची 60 वर्षीय इनाक्षी ने अमर उजाला को बताया कि उन्हें बचपन से ही जानवरों से काफी लगाव है। मेरे पिता डॉग्स के काफी शौकीन थे। यही कारण है कि मुझे भी बेजुबानों से काफी प्रेम है। इसी के चलते मैंने टीचर की जॉब छोड़ दी।
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2005 से लगातार देशभर में होने वाले डॉग शो में हिस्सा ले रही हूं। वैसे तो मेरे पास 15 लेब्राडोर हैं। लेकिन, चार साल के चोको की बात ही अलग है। वह लेब्राडोर की पांचवीं जनरेशन है। वहीं, चिली भी कम नहीं है। यहीं कारण है कि मैंने दोनों के नाम के आगे अपना नाम जोड़ा है।
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बाकायदा इसे केसीआई में रजिस्टर कराया है। कहा कि दोनों ने 2014 में ऊटी में आयोजित एफसीआई इंटरनेशनल डॉग शो में कैसिब अवॉर्ड जीता। वहीं, 2015 में बंगलुरु में आयोजित इसी प्रतियोगिता में चोको और चिली ने दो कैसिब खिताब जीते। इतना ही नहीं चेन्नई में चोको ने खिताब जीत इनाक्षी का मान बढ़ाया। चोको ने नौ औ चिली ने 13 बार अंतिम आठ में जगह बनाई है।
सात माह का इनाक्षी व्हाइट मैगनोलिया भी धमाल मचा रहा है। 20 नवंबर को उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुए डॉग शो में उसे बेस्ट पपी ऑफ द शो का खिताब मिला। वहीं, नवंबर में ही मध्य प्रदेश के जबलपुर में भी उसे बेस्ट पपी से नवाजा गया।