उत्तराखंड के उत्तरकाशी में असी गंगा घाटी स्थित राजकीय इंटर कॉलेज भंकोली में तैनात शिक्षक आशीष डंगवाल के विदाई समारोह में न सिर्फ छात्र-छात्राएं एवं विद्यालय के शिक्षक बल्कि अभिभावक भी भावुक हो गए।
विज्ञापन
2 of 11
- फोटो : अमर उजाला
रुद्रप्रयाग जिले के श्रीकोट गांव निवासी 27 वर्षीय आशीष डंगवाल को वर्ष 2016 में राइंका भंकोली में सामाजिक विज्ञान के एलटी शिक्षक के तौर पर पहली नियुक्ति मिली थी।
विज्ञापन
3 of 11
- फोटो : अमर उजाला
विद्यालय में तीन साल तक कार्य करने के बाद हाल ही में उन्होंने प्रवक्ता पद की परीक्षा उत्तीर्ण की। जिसके चलते उनका ट्रांसफर अब टिहरी के राइंका गरखेत में हो गया है।
4 of 11
- फोटो : अमर उजाला
21 अगस्त को विद्यालय में विदाई समारोह का आयोजन किया गया। जहां शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं के साथ ही स्थानीय ग्रामीणों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी।
विज्ञापन
5 of 11
- फोटो : अमर उजाला
ग्रामीण ढोल दमाऊं के साथ शिक्षक को गांव के बाहर तक विदा करने आए। आशीष ने कहा कि अन्य शिक्षकों की तरह उन्होंने भी पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है।
विज्ञापन
6 of 11
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने इस विदाई समारोह को लेकर एक फेसबुक पोस्ट भी लिखी। जिसमें उन्होंने छात्रों ओर गांव वालों के लिए अपनी भावनाएं व्यक्त की।
विज्ञापन
7 of 11
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने लिखा मेरी प्यारी केलसु घाटी, आपके प्यार, आपके लगाव ,आपके सम्मान, आपके अपनेपन के आगे, मेरे हर एक शब्द फीके हैं।
8 of 11
- फोटो : अमर उजाला
सरकारी आदेश के सामने मेरी मजबूरी थी मुझे यहां से जाना पड़ा ,मुझे इस बात का बहुत दुख है। आपके साथ बिताए 3 वर्ष मेरे लिए अविस्मरणीय हैं।
9 of 11
- फोटो : अमर उजाला
भंकोली, नौगांव , अगोडा, दंदालका, शेकू, गजोली, ढासड़ा,के समस्त माताओं, बहनों, बुजुर्गों, युवाओं ने जो स्नेह बीते वर्षों में मुझे दिया मैं जन्मजन्मांतर के लिए आपका ऋणी हो गया हूँ।
10 of 11
- फोटो : अमर उजाला
मेरे पास आपको देने के लिये कुछ नहीं है ,लेकिन एक वायदा है आपसे की केलसु घाटी हमेशा के लिए अब मेरा दूसरा घर रहेगा ,आपका ये बेटा लौट कर आएगा।