पहले वरिष्ठ नागरिक बचत योजना, राष्ट्रीय बचत सर्टिफिकेट जैसी योजनाओं के निवेशक मेच्योरिटी के बाद मिलने वाले चेक को किसी भी बैंक खाते में लगा सकते थे, लेकिन नवंबर 2017 से डाक विभाग ने डाकखानों की बचत योजनाओं की परिपक्वता राशि बचत खाता के जरिये भुगतान की शर्त रख दी। इसके बाद से डाकघरों की पॉलिसी मेच्योर होने के बावजूद लोगों का भुगतान नहीं हो पा रहा था।