विशेष रूप से उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल, हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू कश्मीर से तीर्थ यात्री यहां पहुंच रहे हैं। मकर सक्रांति के दिन उत्तरायण भी शुरू हो जाएगा। उसी दिन से मुंडन और यज्ञोपवीत संस्कार शुरू होंगे। पौष मास के के चलते विवाहों पर लगा विराम भी समाप्त हो जाएगा। धनु सक्रांति पर एक महीने के लिए शुद्ध मुहूर्त बंद हो गए थे। अब 15 जनवरी से विवाह आदि मांगलिक कार्य विधिवत प्रारंभ हो जाएंगे।