ग्रहण में यह करें उपाय
सूतक काल के दौरान पूजा-पाठ व यात्रा न करें। पत्र छेदन, लकड़ी काटना, कपड़े सिलना, भोजन बनाना भी उचित नहीं माना गया है। ग्रहण काल से पूर्व स्नान कर अपने इष्टदेव के मंत्रों का जाप करें। ग्रहण के मध्य पुन: स्नान कर मंत्र जाप हवन व दान करें। गर्भवती महिलाओं को धारदार एवं चाकू से फल, सब्जी नहीं काटनी चाहिए। ग्रहण पूर्ण होने के बाद स्नान करें और स्नान के बाद जरूरतमंद लोगों को धन और अनाज का दान करें।