रविवार को उत्तराखंड के उत्तराखंड के इस मेले में ऐसी घटना घटी की लोग अचानक भागने लगे। इस दौरान यहां पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज भी मौजूद थे।
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- फोटो : amar ujala
दरअसल, घनसाली टिहरी क़े बूढ़ाकेदार में आयोजित श्री गुरू कैलापीर मेले में आराध्य के निशाण निकाले जाते है। देवता खेतों की ओर जाते है और भक्त उनके पीछे पीछे आस्था की दौड़ लगाते है।
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परपंरा के अनुसार स्थानीय लोगों ने बूढ़ाकेदार धान के सेरा (खेती) में देवता के निशान के साथ सात बार दौड़ लगाकर मन्नतें मांगी और क्षेत्र की खुशहाली की प्रार्थना की।
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सतपाल महाराज
तीन दिनों तक चलने वाले श्री गुरू कैलापीर मेले का का शुभारंभ शनिवार को पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने किया।
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यहां लोगों की अपने आराध्य पर अपार आस्था है। उनका मानना है कि वह सुख समृद्धि के लिए अपने आराध्य के पीछे दौड़ लगाते है
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शुभारंभ करते हुए पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि भविष्य में बूढ़ाकेदार धाम को पांचवे धाम के रूप में शामिल किया जाएगा।
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इससे पूर्व भगवान कैलापीर के दैव निशान को विधिवत पूजा-अर्चना के साथ मंदिर से बाहर निकाला गया।
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सतपाल महाराज
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा सरकार शैव और वैष्णव सर्किट तैयार कर रही है जिसमें बूढ़ाकेदार को भी सम्मलित किया जाएगा। कहा कि बूढ़ाकेदार की नैसर्गिक सुंदरता से अन्य क्षेत्रों से अलग करती है।
इस मौके पर गंगोत्री के विधायक गोपाल रावत, ब्लॉक प्रमुख विजय गुनसोला, बूढ़ाकेदार मंदिर समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र नेगी, जिला पंचायत सदस्य कैलाशी देवी, हिम्मत रौतेला, धीरेंद्र नौटियाल, डा.नरेंद्र डंगवाल, सुशील सेमवाल, अखिलेश जोशी, चंद्र किशोर मैठाणी, आनंद बिष्ट, चंदन पंवार, ममता नेगी, मीना नेगी आदि मौजूद थे।