सूर्य ग्रहण 13 जुलाई की सुबह लग गया। ग्रहण पर इन मंत्रों का जाप करने से आपकी बड़ी से बड़ी मनोकामना पूरी हो सकती है।
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पंडित आशुतोष आचार्य ने बताया कि हिंदू धर्म में गायत्री मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र की बड़ी महिमा बताई गई है। सूर्य ग्रहण पर इस मंत्र का जप करने से कोई भी मनोकामना पूरी हो सकती है।
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सूर्य ग्रहण का नजारा 7
- फोटो : रॉयटर्स
ग्रहण सुबह 7 बजकर 18 मिनट 23 सैकेंड से शुरू हुअा, जो कि 8 बजकर 13 मिनट 5 सैकेंड तक रहा। ग्रहण का माध्यम काल 8 बजकर 13 मिनट 05 सैकेंड पर और मोक्ष 9 बजकर 43 मिनट 44 सैकेंड पर रहा।
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दोनों मंत्रों में से किसी एक का सवा लाख बार जप करने से आपकी जो इच्छा है वह पूरी हो जाएगी।
गायत्री मंत्र: ओम भूर्भुव स्वः। तत्सवितुर्वरेण्यं। भर्गो देवस्य धीमहि। धियो यो नः प्रचोदयात्।
महामृत्युंजय मंत्र: ओम हौं जूं सः। ओम भूः भुवः स्वः ओम त्रयम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। ऊर्वा रूक्मिव बंधनात मृत्योर्मुक्षीय मामृतात। ओम स्वः भुवः भूः ऊॅ। ऊॅ सः जूं हौं।
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Surya Arghya
पंडित आशुतोष आचार्य ने बताया कि ग्रहण के प्रभाव को कम करने के लिए 'ओम सूर्याय नम:' का जाप कर सूर्य को जल में लाल चंदन, रोली, लाल फूल से अर्घ्य दें।
बताया कि इस दिन पड़ने वाली अमावस्या में पितृों की आत्मा की शांति के लिए दान आदि करना शुभ माना जाता है। ग्रहण के बाद गुड़, लाल मसूर की दाल, गेहूं, लाल वस्त्र और दक्षिणा का दान करें। वहीं अमावस्या के दिन पितृों के नाम से आटा, चावल, उड़द की दाल आदि का दान ब्राह्मण और मंदिर में दें सकते हैं।