चोरी करना न सिर्फ पाप है बल्कि अपराध भी। पर क्या हो अगर कोई परंपरा चोरी करने की हो तो। चोरी भी ऐसी-वैसी नहीं सीधे मंदिर में।
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chudamani temple
- फोटो : अमरउजाला
जी हां, देवभूमि उत्तराखंड वैसे तो एक से बढ़कर एक सिद्धपीठ और मंदिर हैं पर चूड़ामणि देवी का मंदिर अपनी अलग ही मान्यता के लिए प्रसिद्ध है।
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chudamani temple
- फोटो : फाइल फोटो
रुड़की के चुड़ियाला स्थित इस मंदिर के बारे में मान्यता है कि यहां पर चोरी करने से हर शख्स की मनोकामना पूर्ण होती है।
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chudamani temple
- फोटो : फाइल फोटो
मान्यता है कि यहां पर मांगने से लोगों की पुत्र प्राप्ति की इच्छा पूरी होती है। इसी के चलते यहां बड़ी संख्या में दंपति माथा टेकने आते हैं। लेकिन इसके लिए यहां एक अनोखा काम करना पड़ता है।
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chudamani temple
- फोटो : अमरउजाला
मान्यता है कि पुत्र चाह रखने वाले दंपति यहां मंदिर में लकड़ी का गुड्डा चुराकर ले जाना होता है। ऐसा करने से पुत्र की कामना पूर्ण होती है।
(अमर उजाला इस तरह के दावों का समर्थन नहीं करता।)
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chudamani temple
- फोटो : अमरउजाला
कामना पूर्ण होने पर दंपति पुत्र के साथ मंदिर में आते हैं और चुराए गए गुड्डे के साथ एक और गुड्डा मंदिर में चढ़ाते हैं।
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sati and shiva
- फोटो : wikimedia.org
वैसे यह मंदिर एक सिद्धपीठ भी है। कहा जाता है कि जब सती ने शिव की उपेक्षा से नाराज होकर यज्ञ कुंड में कूदकर अपनी जान दे दी तो शिव उनके मृत शरीर को लेकर चले थे।
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chudamani temple
- फोटो : अमरउजाला
इस दौरान माता सती का चूड़ा यहां गिरा था। इसी जगह पर माता का मंदिर स्थापित किया गया। यहां पर जून जुलाई में मंदिर में बड़ा मेला चलता है।