रक्षाबंधन के बाद अब श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। लेकिन यह पर्व कब मनाया जाए, इसे लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। ज्योतिषाचार्य विपिन चंद्र जोशी ने बताया कि यह जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण की 5245वीं जयंती है। भादो का महीना भगवान श्री कृष्ण की आराधना के लिए महत्व है। भगवान कृष्ण का जन्म भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि में हुआ था। इस बार अष्टमी 2 सितम्बर की रात 08:47 पर लगेगी और 3 तारीख की शाम 07:20 पर खत्म हो जायेगी। हालांकि भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव 3 सितंबर की रात को ही मनाया जाएगा। क्योंकि अष्टमी तिथि का सूर्योदय 3 सितंबर को होगा। व्रत का परायण 3 सितंबर को रात आठ बजे के बाद किया जा सकेगा। क्योंकि आठ बजे तक रोहिणी नक्षत्र रहेगा।