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जानिए, दुनिया बचाने को भूकंप की निशानियों को कहां खोज रहे वैज्ञानिक

Mon, 28 Nov 2016 03:35 PM IST
रजा शास्त्री/ अमर उजाला, देहरादून
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core
भूकंप का पूर्वानुमान लगा पाने की कोई युक्ति न निकलने से अब विज्ञानियों ने इसकी जन्म स्थली को ढूंढना शुरू दिया है। यह माना जा रहा है कि जहां से भूकंप उपजता है, अगर वह जगह पता लग जाए तो इसका पूर्वानुमान लगाने में आसानी हो सकती है।
 
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- फोटो : ANI
भूगर्भ विज्ञानियों ने जमीन के 660 किमी अंदर भूकंप उपजने की निशानियों का पता लगाना शुरू कर दिया है। भूकंप की जन्म स्थली खोजने की मुहिम में दुनिया भर के विज्ञानी अलग-अलग जुटे हैं। बड़े भूकंप आने की आशंका दुनिया भर के विज्ञानियों को डराए हुए है।
 
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earthquake
ऐसी स्थिति में विज्ञानियों ने भूगर्भ ‘कोर’ की जांच शुरू कर दी है। खासतौर पर ऐसे स्थानों को चुना गया है, जहां भूगर्भ की एक प्लेट दूसरे के अंदर धंस रही है। इसे सबडक्शन जोन कहा जाता है। वाडिया हिमालय भू विज्ञान संस्थान के विज्ञानियों की टीम हिमालयी सबडक्शन जोन में शोध कर रही है। यहां इंडियन प्लेट यूरेशियन प्लेट के नीचे धंस रही है, जिससे हिमालय ऊपर उठता जा रहा है।
 

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Research
विज्ञानियों का मानना है कि भूकंप की उपज का क्षेत्र भूगर्भ में अपर मेंटल और लोअर मेंटल के बीच हो सकता है। तकरीबन 660 किमी नीचे भूगर्भ में इसे मेंटल संक्रमण क्षेत्र कहा जाता है।
 
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भूकंप से इटली में तबाही - फोटो : file photo
भूगर्भ के अंदर भूकंप का सिरा अगर पकड़ में आ जाए तो इसका पूर्वानुमान लगाना आसान हो सकता है। सबडक्शन जोनों में भूगर्भ से निकले मिनरल्स की केमिस्ट्री की जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही कार्बन डेटिंग की जा रही है। इस समय में हिमालय के अलावा चीन, नार्वे, कोरिया, जर्मनी आदि देशों के सबडक्शन जोन में विज्ञानी जुट गए हैं।
 
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भूकंप
मिनरल्स की केमिस्ट्री से पता चलेगा कि भूकंप की शुरुआत होने पर रसायनों में क्या बदलाव आता है।
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जापान में भूकम्प - फोटो : file photo
कार्बन डेटिंग जांच से इनके समय का पता चलेगा। फिर भूकंप की तिथि मिलाई जाएगी। इससे अनुमान लगाया जा सकेगा कि कोर में किस तरह के बदलाव पर भूकंप की पैदाइश हो सकती है।
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भूकंप के चलते अब सुनामी आने का खतरा भी मंडरा रहा - फोटो : Reuters
अब भूगर्भ की कोर से भूकंप को जोड़कर शोध किया जा रहा है। अलग-अलग देशों के विज्ञानी अपने सबडक्शन जोन में शोध कर रहे हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कोर से भूकंप का क्या जुड़ाव हो सकता है? वाडिया की टीम के अलावा नार्वे, कोरिया, जर्मनी, चीन आदि देशों के विज्ञानी भी काम कर रहे हैं।
- डा. वरुण कुमार मुखर्जी, वरिष्ठ विज्ञानी, वाडिया हिमालय भू विज्ञान संस्थान
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