रुड़की में हरिद्वार रोड पर बुधवार की दोपहर बच्चों से भरी एक स्कूली वैन की जबर्दस्त टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वैन के आगे का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख पुकार मच गई।
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हादसे में बाल-बाल बचे 30 मासूम, तस्वीरों में दहशत का मंजर
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चीखपुकार सुनकर मदद के लिए दौड़े स्थानीय लोगों ने बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। गनीमत रही कि वैन में सवार मासूम बच्चों की जिंदगी बाल-बाल बच गई।
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वैन में 30 बच्चों को ठूंस-ठूंस कर भरा गया था। सभी बच्चों को मामूली चोटें आई हैं।
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बच्चों की डायरी से नंबर लेकर उनके परिजनों को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही उनके परिजन भागे-भागे घटनास्थल पर पहुंचे।
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स्कूल से घर लौटते वक्त अचानक हुए हादसे से बच्चे बदहवास हो गए। स्थानीय लोगों के बाहर निकालने के बाद जैसे ही उनके मां बाप मौके पर पहुंचे, बच्चे बिलखकर उनसे लिपट गए।
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स्कूल वैन घरों में इस्तेमाल होने वाले एलपीजी सिलेंडर से चलाई जा रही थी। गनीमत रही कि टक्कर आगे के हिस्से में लगी और सिलेंडर व गैस किट वैन के पिछले हिस्से में लगाई गई थी। सिलेंडर पर प्रेशर पड़ने पर वैन आग का गोला भी बन सकती थी।
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कंट्रोल रूम की सूचना पर पुलिस ने ड्राइवर जहांगीर पुत्र मुर्सलीन निवासी पाडली गुर्जर को हिरासत में ले लिया। ड्राइवर के पास लाइसेंस भी नहीं था। बच्चों को वैन से सुरक्षित बाहर निकालने वाले स्थानीय लोगों ने अभिभावकों की लापरवाही पर नाराजगी जताई।
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बच्चों को वैन से बाहर निकालने वाले हैपी आहूजा, जॉनी आदि ने बताया कि वैन में 30 बच्चे बुरी तरह ठूंसकर भरे गए थे। उन्होंने अभिभावकों से पूछा कि 700 रुपये किराया देकर बच्चों की जान खतरे में क्यों डालते हो। इस पर कोई जवाब दिए बिना अभिभावक अपने बच्चों को घर ले गए।