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छह बहनों का था इकलौता भाई, लोकगायक पप्पू कार्की के साथ ऐसे खींच ले गई मौत, तस्वीरें भावुक कर देंगी

Mon, 11 Jun 2018 09:09 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, हल्द्वानी
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pappu karki
लोकगायक पप्पू कार्की के साथ दुर्घटना का शिकार बीटेक का छात्र पुष्कर छह बहनों में इकलौता भाई था। उसका नोएडा की एक कंपनी में नौकरी के लिए चयन हो गया था। उसकी मौत की खबर पाकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों का रो रोकर बुरा हाल था।
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accident
गौनियारो निवासी डालकन्या प्राथमिक स्कूल में शिक्षक उत्तम सिंह का बेटा पुष्कर पढ़ाई के साथ ही सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेता था। युवा महोत्सव 2018 के कार्यक्रम में पुष्कर को कोषाध्यक्ष बनाया गया था। इसी कारण वह गांव के एक व्यक्ति की कार मांगकर पप्पू कार्की को छोड़ने के लिए जा रहा था।
 
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Pappu Karki death
कार पुष्कर खुद चला रहा था। घायल अजय आर्या का कहना था कि कार के आगे पत्थर आने के कारण गाड़ी अनियंत्रित हो गई जबकि अन्य लोगों का कहना था कि रात के कार्यक्रम में जागने के कारण पुष्कर को झपकी आ गई थी। मोर्चरी में पुष्कर के चाचा विजय सिंह गौनिया, मामा तेज सिंह, बुआ मोहिनी, बहनें हेमा और खष्टी भी पहुंचीं।

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pushkar
पुष्कर की एक बहन की शादी हो चुकी है। घटना का शिकार राजेंद्र तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। अन्य भाई गिरधर, बहन यशोदा और छोटा भाई मुकेश हैं। राजेंद्र परिवार के कामों में हाथ बंटाता था। उसके पिता बिशन सिंह गौनिया किसान हैं।  
 
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pappu karki
बेड़ीनाग तहसील की सैनर ग्राम पंचायत के शेलावन तोक में 1984 में जन्मे पप्पू कार्की के कृषक पिता कृष्ण कार्की का करीब डेढ़ साल पहले निधन हो चुका था। पप्पू परिवार के इकलौते चिराग थे।
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Pappu Karki mother
वह अपनी पत्नी कविता एवं पांच वर्षीय पुत्र दक्ष के साथ हल्द्वानी में किराए के मकान में रहते थे। गांव में उनकी मां कमला देवी, चाचा हनुमान कार्की, चाची देवकी देवी, अन्य दो दिवंगत चाचाओं का परिवार रहता है। पप्पू कार्की की 30 वर्षीय बहन कुंती का विवाह भैंस्कोट गांव में हुआ है।
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