सुप्रीम कोर्ट की ओर से एससी-एसटी एक्ट में बदलाव को लेकर की गई टिप्पणी से गुस्साया दलित समाज लाठी डंडे लेकर सड़कों पर उतर आया। बिन बुलाये ही शहर में युवाओं का सैलाब उमड़ आया। उसमें भी 90 प्रतिशत 20 से 25 बरस के युवा।
विज्ञापन
2 of 9
bharat bandh
वहीं प्रदर्शनकारियों ने उत्तराखंड रोडवेज की तीन बसों को आग के हवाले कर दिया। इसके अलावा नौ बसों को क्षतिग्रस्त कर दिया है। इसके बाद रोडवेज प्रबंधन ने यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर दिल्ली रूट पर बस सेवा बंद कर दी है। इससे यात्री किराए के रूप में मिलने वाले करीब 25 लाख के राजस्व का नुकसान हुआ है। देखते ही देखते रुड़की देहात क्षेत्रों के दलित युवाओं का अखाड़ा बन गया। हाथों में डंडे और तिरंगा और नीले झंडे लिए युवा जय भीम के नारों के साथ सड़कों पर दौड़ रहे थे। रुड़कीवासियों ने इतना बड़ा जमावड़ा न किसी रैली में देखा था और न किसी आंदोलन में। खास बात यह थी कि इन युवाओं में कोई नेता नहीं था बल्कि सभी अपने आप में नेता था। रुड़की और हरिद्वार में दलितों के प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। यहां गोली लगने से दो लोग घायल हो गए हैं। फायरिंग में 16 वर्षीय किशोर शिवानंद निवासी मोहम्मदपुर कलियर और कय्यूम निवासी बेलड़ा को गोली लगी है।
विज्ञापन
3 of 9
bharat bandh
युवा ही एक दूसरे का नेतृत्व करते नजर आ रहे थे। जिसके कारण पुलिस प्रशासन की भी यह समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर वे किससे बात करें। एसएसपी कृष्ण कुमार ने भी माना कि इन युवाओं में नेतृत्व करने वाला कोई नहीं था। शायद यही कारण था कि पुलिस हाईवे और सड़कों पर बवालियों को हटाने में शाम के छह बज गए। शायद पुलिस प्रशासन को भी इसका अंदाजा नहीं था कि दलित समाज की ओर से भारत बंद का आह्वान उनके लिए बड़ी चुनौती बनने वाला है। क्योंकि इससे पहले भी दलित आंदोलनों में इतनी बड़ी आंच नहीं आई। इसकी मुख्य वजह रही इस आंदोलन में शामिल होने वाले 20 से 25 बरस के युवा। जिन्हें शायद यह भी नहीं पता कि उन्हें क्या करना है।
4 of 9
bharat bandh
यही कारण था कि दोपहर एक बजे तक युवाओं की ओर से प्रदर्शन तो किया गया लेकिन न तो तोड़फोड़ शुरू की गई और न ही पुलिस से कहीं टकराव हुआ। इसके चलते पुलिस प्रशासन भी राहत महसूस करता था। लेकिन गणेशपुर चौक पर जब ऐसे ही युवाओं का कुछ लोगों से टकराव हो गया तो अचानक नजारा बदल गया। युवाओं का यह हुजूम जब गोलीबारी और पत्थरबाजी के बाद उग्र प्रदर्शन करते हुए हाईवे पर गणेशपुर पुल पर पहुंचा तो यहां भी एसएसपी और डीएम काफी देर तक इन युवाओं से उलझते रहे। पुलिस प्रशासन भी इससे परेशान रहे कि इतनी भीड़ में उन्हें कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति या नेता बातचीत करने के लिए नहीं मिला।
विज्ञापन
5 of 9
bharat bandh
रुड़की में दलित समाज के लोगों के सड़कों पर उतरते ही दुकानों के शटर धड़ाधड़ गिरने लगे। शहर में अघोषित रूप से कर्फ्यू जैसे हालात पैदा हो गए। आलम यह रहा कि लोग खाने-पीने की चीजों से लेकर दवा तक के लिए भटकते रहे। बाजार बंद कराते समय कुछ दुकानदारों की दलित समाज के लोगों से तीखी नोकझोंक भी हुई। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सोमवार की सुबह नौ बजे ही दलित समाज के लोगों ने शहर की ओर कूच करना शुरू कर दिया। मंगलौर की ओर से जनसमुह के आने की भनक लगते ही अधिकतर दुकानदारों ने दुकानों को बंद कर दिया, लेकिन कुछ दुकानदारों ने दुकानें खुली रखीं। जिस पर लाठी-डंडों के साथ पहुंचे लोगों ने चेतावनी देते हुए दुकानों को बलपूर्वक बंद कराया।
विज्ञापन
6 of 9
bharat bandh
इसके साथ ही हरिद्वार की ओर स्थित गांव से भी भीड़ रुड़की पहुंची। इस दौरान लोगों ने हरिद्वार रोड, नगर निगम रोड, सिविल लाइंस, बीटी गंज आदि स्थानों पर दुकानों को बंद कराया गया। एक गांव का जनसमूह गुजर जाने के बाद कुछ दुकानदारों ने फिर से दुकानें खोल ली, लेकिन इसके बाद ही दूसरे गांव के लोग भी जुलुस के रूप में शहर में पहुंच गये। जिन्होंने फिर से खुली दुकानों को बंद कराया। इसके साथ-साथ आस-पास के क्षेत्रों से शहर में पहुंचे हजारों लोगों ने बाजार को पूर्णत: बंद कराया। जहां भी बाजार खुलने की सूचना मिलती रही लोग वहीं पहुंचकर बाजार बंद कराते रहे। शहर में पसरे सन्नाटे से अघोषित रूप से कर्फ्यू जैसे हालत पैदा हो गए। इस स्थिति के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को हुई जिनके मरीज अस्पतालों में भर्ती थे और उन्हें दवाइयों के लिए उधर-उधर भटकना पड़ा, लेकिन दुकानें बंद के कारण दवाइयां भी उपलब्ध नहीं हो सकी।
विज्ञापन
7 of 9
bharat bandh
दलितों के भारत बंद का असर रेल मार्ग पर भी पड़ा। आंदोलनकारियों ने चुडिय़ाला रेलवे फाटक पर पहुंच रेल मार्ग अवरुद्ध कर दिया। जिसके चलते रेलवे को यात्रियों की सुरक्षा के लिए जगह-जगह रेलवे स्टेशनों पर ट्रेनों को रोकना पड़ा। इस दौरान यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सोमवार को दलित समाज की ओर से किये गए भारत बंद को लेकर रुड़की में भी बंद का आयोजन किया गया । गुस्साये दलितों ने चुडिय़ाला रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर धरना प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। थोड़ी देर बाद आंदोलनकारी रेलवे फाटक पर पहुंच गए।
8 of 9
bharat bandh
जहां उन्होंने रेलवे फाटक को जाम कर दिया। रेलवे फाटक पर प्रदर्शनकारियों की ओर से जाम लगाए जाने की सूचना केविन मैन की ओर से रेलवे स्टेशन अधीक्षक को दी गई। स्टेशन अधीक्षक नेमामले की सूचना मुरादाबाद रेलवे कंट्रोल रूम को दी। सूचना मिलते ही रेलवे विभाग ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए ट्रेनों को जहां-तहां रोकने के आदेश दिए। इस दौरान देहरादून से सहारनपुर जाने वाली सहारनपुर पैसेंजर ट्रेन को चार घंटे तक इकबालपुर रेलवे स्टेशन रोका गया। वहीं लखनऊ से चंडीगढ़ जाने वाली चंडीगढ़ एक्सप्रेस को चुडिय़ाला में दो घंटे तक रोका गया। बैरोनी से जम्मूतवी जाने वाली मोरध्वज एक्सप्रेस को भी दो घंटे तक बलियाखेड़ी रेलवे स्टेशन पर रोका गया।
जबकि सहारनपुर से मुरादाबाद की ओर जाने वाली मालगाड़ी को भी बलियाखेड़ी रेलवे स्टेशन पर तीन घंटे तक रोका गया। वहीं रुड़की रेलवे स्टेशन पर बैरानी से अमृतसर जाने वाली बैरानी एक्सप्रेस को तीन घंटे तक रोके रखा गया। दोपहर तीन बजे के बाद रेल मार्ग पर ट्रेनों का संचालन शुरू हो सका। कोलकाता से अमृतसर जाने वाली अकालतख्त एक्सप्रेस को लक्सर में एक घंटे तक रोका गया। वहीं सहारनपुर रेलवे स्टेशन पर बांद्रा से देहरादून जाने वाली बांद्रा एक्सप्रेस को तीन घंटे तक रोका गया। इसके अलावा देहरादून से बांद्रा जाने वाली बांद्रा एक्सप्रेस को ढंडेरा रेलवे स्टेशन पर एक घंटे तक रोका गया। जिसके चलते यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। अपराह्न तीन बजे से स्थिति सामान्य होने के बाद ट्रेनों का संचालन शुरु हो गया।