फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंजा हल्द्वानी, बीच बाजार प्रॉपर्टी डीलर पर आखिरी सांस तक की फायरिंग

Mon, 16 Dec 2019 07:54 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी
विज्ञापन
1 of 6
- फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड के हल्द्वानी शहर के सबसे व्यस्ततम चौराहे सिंधी चौक पर दिनदहाड़े करीब 12:35 बजे पुलिस की मौजूदगी के बीच दो भाइयों ने प्रापर्टी डीलर और व्यवसायी भूपेंद्र चंद्र पांडे उर्फ भुप्पी को गोलियों से भून डाला। भुप्पी के साथी दिनेश उर्फ रोहित ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। ताबड़तोड़ फायरिंग से चौराहे पर भगदड़ मच गई तो मौका देखकर एक हत्यारोपी फरार हो गया, जबकि दूसरे को ट्रैफिक पुलिस ने दबोच लिया। देर शाम मृतक की पत्नी की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
विज्ञापन

2 of 6
- फोटो : अमर उजाला
इधर, व्यवसायी की हत्या से आक्रोशित लोगों ने कोतवाल पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए हंगामा किया और उसे निलंबित करने की मांग को लेकर चार घंटे तक हाईवे जाम किया। उधर, देर शाम बाजपुर पुलिस ने घेराबंदी कर शिव सेना का झंडा लगी कार को रोक लिया तो हत्यारोपी भाग निकला, लेकिन उसके परिजनों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। 
विज्ञापन

3 of 6
- फोटो : अमर उजाला
काठगोदाम में निर्मला कान्वेंट स्कूल के पीछे कालटैक्स रोड निवासी भूपेंद्र चंद्र पांडे उर्फ भुप्पी (50) पुत्र स्वर्गीय मोहन चंद्र पांडे रविवार सुबह 10:30 बजे घर से निकले और अपने साथी दुकानदार रोहित उर्फ दिनेश सागर को लेकर भोटिया पड़ाव चौकी पहुंचे। दोनों ने चौकी प्रभारी से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि धोखाधड़ी और एससी-एसटी के आरोपी गौरव और सौरभ के खिलाफ पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। 

4 of 6
- फोटो : अमर उजाला
आरोप लगाया कि कोतवाल विक्रम सिंह राठौर के छूट देने पर आरोपी स्थगनादेश लेने में सफल रहे। इसके बाद दोनों स्कूटी से स्टैंडर्ड स्वीट हाउस के सामने जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सिंधी चौराहे के सामने सौरभ और गौरव गुप्ता ने भुप्पी की स्कूटी को रोक लिया। दोनों भाइयों ने पहले रोहित को पीटना शुरू किया। विरोध करने पर उन्होंने भुप्पी पर थप्पड़ बरसाए। 
विज्ञापन

5 of 6
- फोटो : अमर उजाला
इस बीच, एक भाई ने असलहा निकाला और भुप्पी पांडे पर गोली दाग दी। गोली चलते ही रोहित भाग खड़ा हुआ, जबकि भुप्पी ने गोलीबारी से बचने को ईंट उठाने की कोशिश की तो हमलावर ने एक बाद एक छह की छह गोलियां भुप्पी के सीने और सिर में उतार दीं। इधर, भीड़ बढ़ती देख गौरव गुप्ता फरार हो गया, जबकि सौरभ ने दहशत फैलाने के लिए हवाई फायर भी किए। 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
- फोटो : अमर उजाला
फायरिंग बंद होने पर ट्रैफिक पुलिस ने आरोपी सौरभ गुप्ता को असलहे समेत दबोच लिया। इस बीच, मौके पर कई थानों की फोर्स पहुंच गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। घटना से गुस्साए लोग धरने पर बैठ गए और कोतवाल पर हत्यारोपियों से मिलीभगत का आरोप लगाया। भाजपा नेता संदीप कुकसाल और रोहित उर्फ दिनेश सागर का आरोप था कि तीन महीने तक दौड़ने के बावजूद कोतवाल ने कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस की लापरवाही के चलते भुप्पी पांडे की हत्या हुई है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें