भले ही उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों की सुंदरता देश दुनिया के पर्यटकों को लुभाती है, लेकिन यहां की खतरनाक सड़कें दुर्घटनाओं को भी न्यौता देती हैं। चमोली और नंदप्रयाग के बीच अवरुद्ध पड़े बदरीनाथ हाईवे को खोलने में जुटे बीआरओ मजदूर। यहां चट्टान काटकर सड़क बनाई जा रही है।
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देखिए कैसे? उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों की सड़क बनती है 'मौत की सड़क'
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road become dangerous in uttarakhand
गोपेश्वर-चमोली-ऊखीमठ सड़क खतरे से भरी है। यहां से कुछ इस तरह बदरीनाथ की ओर जाते हैं यात्रा वाहन।
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गोपेश्वर-चमोली-ऊखीमठ सड़क पर ग्वीलों गांव के पास पैदल आवाजाही करते तीर्थयात्री।
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- फोटो : amar ujala
तीन दिन से मसूरी में कंपनी बाग मार्ग अवरूद्घ, बीते दिन पुश्ता गिरने के बाद यातायात हो ठप गया था।
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कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर आए मलबे को हटाती जेसीबी। यहां सड़कों का हाल बेहद बुरा है। आए दिन इस कारण दुर्घटनाएं होती हैं।
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खतरनाक समरजैंस मोटर मार्ग से गुजरती कार। शनिवार को देर रात इस मार्ग पर यूटिलिट खाई में गिरी थी। जिसमें आठ लोगों की मौत हुई थी।
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नरेंद्रनगर के पसर गांव में बादल फटने मलबे में दबे आवासीय भवन।
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उत्तरकाशी मनेरी के सिलकुरा गांव में गदेरे में पानी बढ़ने से कटाव की जद में आए मकान।