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PHOTOS: बाघों का आशियाना ही नहीं, पक्षियों का अनोखा संसार भी है राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क, जानें खास बातें

Sun, 26 May 2024 03:12 PM IST
अलका त्यागी राजीव खत्री, अमर उजाला, ऋषिकेश
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राजा जी टाइगर रिजर्व - फोटो : अमर उजाला
राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क सिर्फ बाघों का ही नहीं बल्कि कई अन्य दुर्लभ प्रजातियों का भी सुरक्षित आशियाना है। यहां वन्य जीवों की दुर्लभ प्रजातियों तो पाई ही जाती हैं, साथ ही यहां पक्षियों का भी अनोखा संसार बसता है। पार्क में पक्षियों की करीब 315 प्रजातियां पाई जाती हैं। यही कारण है यह पर्यटकों की पहली पसंद रहा है। यहां बर्ड वाॅचिंग की भी अपार संभावनाएं हैं।

राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क देहरादून, हरिद्वार व पौड़ी जनपद की सीमाओं से लगा है। पार्क करीब 830 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला हुआ है। पहले इस क्षेत्र में राजाजी अभयारण्य और राष्ट्रीय उद्यान (स्थापना 1948), मोतीचूर अभयारण्य (स्थापना 1964) और चिल्ला अभयारण्य (स्थापना. 1977) थे। वर्ष 1983 में इन्हें मिलाकर राजाजी राष्ट्रीय उद्यान बनाया गया।

20 अप्रैल 2015 को इसका नाम बदलकर राजाजी टाइगर रिजर्व कर दिया गया। लेकिन यह पार्क सिर्फ बाघों के संरक्षण के लिए ही नहीं बल्कि अन्य दुर्लभ प्रजातियों के लिए भी एक मुफीद आशियाना है। पार्क प्रशासन का कहना है कि पार्क की स्थापना का उद्द्देश्य सिफ बाघों का संरक्षण नहीं बल्कि पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को संरक्षित करना है।

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राजा जी टाइगर रिजर्व - फोटो : अमर उजाला
गिद्धों की तीन दुर्लभ प्रजातियां बनाती हैं यहां घोंसला
पार्क विलुप्त हो रहे गिद्धों के संरक्षण में भी अहम भूमिका निभा रहा है। पार्क प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि यहां प्रमुखत: इजिप्शन, हिमालयन ग्रिफन व रेड हैड्ड (लाल गले वाला) गिद्ध की प्रजातियां पाई जाती हैं। प्रजनन के साथ ही यहां अपना घोंसला बनाते हैं। गिद्ध चुनिंदा स्थानों पर ही घोंसला बनाते हैं। जिनमें पार्क भी शामिल हैं।
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राजा जी टाइगर रिजर्व - फोटो : अमर उजाला
हार्नबिल की पंसदीदा जगह है राजाजी पार्क
भारत, नेपाल, भूटान, दक्षिण पूर्व एशिया और सुमात्रा के जंगलों में पाए जाने वाली विशिष्ट प्रजाति की हार्न बिल पक्षी का भी पार्क पसंदीदा स्थान है। भारत में हार्नबिल की नौ प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें से तीन प्रजातियां ग्रे हार्नबिल, पाइड हार्नबिल व विलुप्त प्राय ग्रेट हार्न बिल यहां पाई जाती हैं। उक्त प्रजातियां यहां अपना घोंसला भी बनाती हैं।

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राजा जी टाइगर रिजर्व - फोटो : अमर उजाला
वन्य जीवों की इन प्रजातियों के लिए भी है पार्क प्रसिद्ध
पार्क क्षेत्र में एशियाई हाथी, तेंदुआ, किंग कोबरा, विलुप्त प्राय लक्कड़बग्घा, हिरन, सांभर, चीतल, काकड़,घुरल और नील गाय आदि भी पाई जाती हैं।
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राजा जी टाइगर रिजर्व - फोटो : अमर उजाला
जंगल सफारी व बर्ड वाॅचिंग
पार्क की प्रमुख पर्यटन गतिविधियां जंल सफारी व बर्ड वाॅचिंग है। पार्क क्षेत्र में इन दोनों गतिविधियों का लुफ्त उठाया जा सकता है।
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राजा जी टाइगर रिजर्व - फोटो : अमर उजाला
कैसे आए यहां
राजाजी टाइगर रिजर्व सड़क, रेल व वायु मार्ग से आया जा सकता है। इसके निकटतम जौलीग्रांट हवाई अड्डा है। जहां से टैक्सी आदि से यहां पहुंचा जा सकता है। इसके अलावा हरिद्वार निकटतम रेलवे स्टेशन है।
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राजा जी टाइगर रिजर्व - फोटो : अमर उजाला
राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क की स्थापना का उद्देश्य सिर्फ बाघों का ही संरक्षण नहीं बल्कि पूरे पारिस्थितिकी तंत्र (इकोसिस्टम) को सरंक्षित करना है। पार्क प्रशासन इस लक्ष्य में सफल भी हो रहा है। -साकेत बडोला, निदेशक, राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क।
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