सालों से अकेली रह रही से 'रानी' अपने 'राजा' की तलाश में है। इतना ही नहीं इस रानी पर पांच युवराजों का दिल भी आया है।
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corbett tiger reserve
- फोटो : google
राजाजी टाइगर रिजर्व के पूर्वी क्षेत्र मोतीचूर-कांसरो में एक बाघिन अकेली है। मजबूरी ऐसी कि वह दूसरे इलाके में भी नहीं जा सकती। अब 'रानी' के साथ के लिए कार्बेट टाइगर रिजर्व के बफर और तराई पूर्वी वन प्रभाग में पांच जवान बाघ चिन्हित किए गए हैं।
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tiger
इनमें से एक को यहां शिफ्ट किया जाना है, ऐसा करने से पहले देखा जाएगा कि आनुवांशिक रूप से बाघिन से एकदम अलग है अथवा नहीं। राजाजी टाइगर रिजर्व के पूर्वी हिस्से दो बाघिन मौजूद है।
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tiger
एक हिंदी वेबसाइट की खबर के मुताबिक, ढाई-तीन साल की उम्र में बाघिन चीला क्षेत्र से राजाजी आ तो गई, लेकिन वापस नहीं जा पाईं। बाघों का कुनबा बढ़ाने को लेकर पहले फेज में मोतीचूर-कांसरो में जवान बाघ को शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है।
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tiger hunt
- फोटो : AmarUjala
प्रमुख वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक डीवीएस खाती के मुताबिक मोतीचूर-कांसरो में रह रही बाघिन को ट्रेंकुलाइज कर उसे रेडियो कॉलर पहनाने की अनुमति मिल गई है। उसका डीएनए परीक्षण भी किया जाएगा। बघिन के साथ के लिए जिन बाघों को यहां शिफ्ट किया जाएगा उसका भी डीएनए परीक्षण होगा।
राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक सनातन सोनकर ने हिंदी वेबसाइट को बताया कि पूरी योजना का खाका तैयार है, जिसे 12 जून को दिल्ली में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के समक्ष रखा जाएगा। उम्मीद है कि इसी दिन बाघ को शिफ्ट करने की अनुमति मिल जाएगी। उन्होंने बताया कि इसके बाद बाघिन को साथी मिल जाएगा। शिफ्टिंग की कार्रवाई होने के बाद दोनों पर रेडियो कॉलर की मदद से नजर रखी जाएगा।