इस दौरान दूध की खीर देखकर रानी सिल्विया ने खीर खाने की इच्छा व्यक्त की, जो कि सुरक्षा कारणों से पूरी नहीं हो सकी। गुज्जरों ने उन्हें बताया कि पशुपालन से ही उनकी आजीविका चलती है। जंगल में बच्चों की शिक्षा का कोई प्रबंध नहीं है। बीते 18 साल से सरकार से अपने विस्थापन की मांग कर रहें हैं, लेकिन उनका विस्थापन आज तक नहीं किया गया।