पांच हजार रुपये से अधिक के पुराने नोट बैंकों में जमा कराने के लिए पूछे गए सवालों के कई अजब जवाब सामने आए।
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नरेन्द्र मोदी
- फोटो : self
किसी ने इसकी वजह खुद पीएम मोदी को बताया तो किसी ने शादी में जाने का बहाना बताया। कई ऐसे भी थे जिन्होंने बीमार होने की वजह से पैसा नहीं जमा कराने का बहाना बताया।
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RBI
आरबीआई के ताजा निर्देशों के तहत अब पांच हजार रुपये से ऊपर 500 या 1000 रुपये के पुराने नोट जमा कराने के लिए ग्राहक को उस पैसे के सोर्स और अभी तक पैसा जमा न कराने की वजह बतानी होगी। मंगलवार को जैसे ही यह नियम लागू हुआ तो पुराने नोट जमा कराने आए लोगों ने कई अनोखे जवाब दिए।
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marriage
एक ग्राहक ने जवाब दिया कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 दिसंबर तक का समय दिया था, लिहाजा अभी तक मैं पैसा जमा कराने नहीं आया। लेकिन अब नियम बदल गया है तो उनके आदेशों का पालन करने यहां पहुंच गया हूं। एक अन्य ग्राहक ने अपने जवाब में लिखा कि वह शादी के लिए बाहर गए थे, इसलिए समय नहीं मिल पाया। अब नया नियम आ गया है तो मजबूरी में पैसा तो जमा कराना ही है।
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- फोटो : demo pic
एक ग्राहक ने बताया कि उन्हें अपने ऑफिस से छुट्टी नहीं मिल पा रही थी। केवल रविवार की छुट्टी मिलती है और उस दिन बैंक बंद रहते हैं। शुरुआत में रविवार को भी ज्यादा भीड़ की वजह से नहीं आए थे। दिनभर बैंक कर्मचारी ऐसे ही सवालों से जूझते रहे। बोलो, कहां से आए पुराने नोट? इतने दिनों से जमा किए जा रहे हैं तो अभी तक घर में क्यों दबाए बैठे थे...? कुछ ऐसे ही सवालों का सामना करना पड़ा बैंकों में पैसा जमा कराने पहुंचे लोगों को। सरकार व आरबीआई के आदेशों के बाद बैंक कर्मचारी लोगों से पूछताछ के बाद ही पैसा जमा करते देखे गए।
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money
पांच हजार से अधिक कैश जमा कराने वाले ग्राहकों से बैंकों ने लिखित में पूरा जवाब मांगा। उनके नाम, पते के अलावा पैसा आने का सोर्स भी पूछा गया। कुछ बैंकों ने बाकायदा फॉर्मेट बनाकर उसमें पांच हजार से ज्यादा जमा कराने वालों की डिटेल भरी। इसमें उनसे अब तक पैसा जमा न कराने की वाजिब वजह भी पूछी गई। खास बात यह है कि बैंक के कोई दो कर्मचारी या अधिकारी ग्राहक से पूछताछ कर रहे हैं। उनके प्रमाणित करने और हस्ताक्षर के आधार पर ही पैसा जमा किया जा रहा है। इससे ग्राहकों को काफी परेशानियों का भी सामना करना पड़ा।
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रुपया
- फोटो : demo pic
रिजर्व बैंक की ओर से सभी बैंकों को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपनी जिम्मेदारी में लेन-देन की पूरी प्रक्रिया का अपडेट रिकॉर्ड रखें। किसी भी वक्त उनसे कोई जानकारी मांगी जाए तो तत्काल उपलब्ध करा दें। लिहाजा, बैंकों ने पांच हजार से अधिक पुराने नोट जमा कराने वालों का भी हर दिन का रिकॉर्ड अपडेट रखना शुरू कर दिया है।
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बैंकों में भीड़ की वजह से कई लोगों ने कुछ पैसे जो घर पर रखे थे, जमा नहीं कराए। लेकिन अब जो नियम लागू किया गया है, वह प्रताड़ित करने वाला है। हम पैसा जमा कराने जाएं तो पहले उसका सोर्स और दूसरे सवालों का जवाब दें।
- सरदारी लाल ठकराल, खदरी मोहल्ला निवासी
हमारे पास व्यापार के दौरान पुराने नोट आए थे। अब उन्हें जमा कराने के लिए सोर्स कहां से बताएं। नोटबंदी के बाद से रोज-रोज नए नियम लागू किए जा रहे हैं। इससे परेशानी तो होगी ही।
- राहुल शर्मा, व्यापारी