राष्ट्रपति प्रत्याशी रामनाथ कोविंद ने तीर्थनगरी हरिद्वार में ऐसा काम कराया, जिसके लिए लोग आज भी उन्हें याद करते हैं।
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फाइल फोटो
एनडीए के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद हरिद्वार स्थित दिव्य प्रेम सेवा मिशन के आजीवन संरक्षक हैं। वर्ष 2002 में राज्यसभा सांसद रहने के दौरान कोविंद ने दिव्य प्रेम सेवा मिशन की ओर से संचालित विद्यालय के छात्रों के लिए बनाए छात्रावास में सांसद निधि से 25 लाख रुपए दिए थे।
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ram nath kovind
- फोटो : सोशल मीडिया
जिसके लिए यहां आज भी कोविंद की पहल को सराहा जाता है। उनकी पत्नी सविता समाजसेवी हैं और मिशन की ओर से संचालित विद्यालय के एक बालक का सालाना खर्च भी उठाती हैं।
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वृंदावन में बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
कोविंद के राष्ट्रपति उम्मीदवार चुने जाने से चंडी चौक पुल के पास स्थित दिव्य प्रेम सेवा मिशन में खुशी का माहौल है। बच्चों से कोविंद को बेहद लगाव है। आजीवन संरक्षक होने के नाते कोविंद दिव्य प्रेम सेवा मिशन में आते रहते हैं।
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- फोटो : सोशल मीडिया
संस्था के बालकृष्ण शास्त्री ने बताया कि आखिरी बार 11 अप्रैल 2016 को कोविंद हरिद्वार स्थित मिशन में आए थे। उन्होंने अद्र्धकुंभ के दौरान मिशन की ओर से 'मंथन: भारतीय संस्कृति के विकास में गंगा' विषय पर व्याख्यानमाला में मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की थी।
वहीं कोविंद की पत्नी भी समाज सेवा में जुटी हुई हैं। हरिद्वार के माधवराव देवले शिक्षा मंदिर व वंदेमातरम कुंज पौड़ी गढ़वाल स्थित दिव्य भारत शिक्षा मंदिर में रहने वाले एक बालक का खर्चा कोविंद की पत्नी सविता उठाती हैं।