शनिवार तड़के सवा चार बजे बदरीनाथ धाम के कपाट खुले। वहीं, महामहिम प्रणब मुखर्जी बदरीनाथ धाम के दर्शन करने वाले पांचवें राष्ट्रपति बने। जानिए, कुछ और खास बातें।
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Dr. rajendra prasad
सबसे पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने बदरीनाथ के दर्शन किए थे।
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badrinath
क्या आप जानते हैं कि बदरीनाथ में भी एक मिनी राष्ट्रपति भवन है। यहां सबसे पहले देश के प्रथम राष्ट्रपति डा. राजेंद्र प्रसाद ने विश्राम किया था।
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pratibha patil
महामहिम प्रणब मुखर्जी से पहले प्रतिभा पाटिल भी यहां विश्राम कर चुकी हैं।
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pranab mukhrjee
पांचवें राष्ट्रपति के रुप में बदरीनाथ पहुंचे महामहिम प्रणब मुखर्जी ने पूजा अर्चना से पहले राष्ट्रपति भवन में पहुंचकर विश्राम किया। फिर मंदिर के गर्भगृह में पहुंचकर पूजा-अर्चना की।
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barinath
- फोटो : amarujala
बदरीनाथ मंदिर के बारे में पौराणिक मान्यता है कि जब गंगा नदी धरती पर अवतरित हुई, तो यह 12 धाराओं में बंट गई। इस स्थान पर मौजूद धारा अलकनंदा के नाम से विख्यात हुई और यह स्थान बदरीनाथ, भगवान विष्णु का वास बना।
भगवान विष्णु की प्रतिमा वाला वर्तमान मंदिर 3,133 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है और माना जाता है कि आदि शंकराचार्य, आठवीं शताब्दी के दार्शनिक संत ने इसका निर्माण कराया था। इसके पश्चिम में 27 किलोमीटर की दूरी पर स्थित बदरीनाथ शिखर कि ऊँचाई 7,138 मीटर है। बदरीनाथ में एक मंदिर है, जिसमें बदरीनाथ या विष्णु की वेदी है। यह 2,000 वर्ष से भी अधिक समय से एक प्रसिद्ध तीर्थ स्थान रहा है।