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Police ki Pathshala: चार बिंदुओं में पढ़ाया छात्रों को कानून का पाठ, सावधानी-सतर्कता के बताए उपाय

Sat, 27 Apr 2024 07:54 PM IST
रेनू सकलानी माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
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अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से किया गया पुलिस की पाठशाला का आयोजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
छात्र-छात्राओं को साइबर क्राइम व नशे से बचने के मकसद से अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। शनिवार को गढ़ी कैंट स्थित सेवन ऑक्स स्कूल में आयोजित पाठशाला में एसएसपी एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने चार बिंदुओं के माध्यम से छात्रों को कानून का पाठ पढ़ाया। साथ ही साइबर ठगी और नशे से बचने के लिए सावधानी व सतर्कता के उपाय बताए।

छात्रों को संबोधित करते हुए एसएसपी एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने चार बिंदु, ट्रैफिक, साइबर, कानून व्यवस्था और जागरूकता के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा, किशोरावस्था में नौजवान युवक शौकिया तौर पर नशा करना शुरू करते हैं लेकिन धीरे-धीरे उन्हें इसकी लत पड़ जाती है।

ऐसे में इस लत से बचने के लिए हमें बुरी आदतों को पहले दिन से ही न कहना होगा। उन्होंने कहा, वर्तमान दौर में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती साइबर क्राइम और युवाओं में बढ़ता नशा है। इससे बचने के लिए हमें जागरूक होने के साथ अपने आसपास के लोगों व परिवार वालों को इसके दुष्प्रभाव के बारे में बताना होगा। अगर आपके साथ अगर कोई भी फ्रॉड होता है तो तुरंत उसकी जानकारी साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर देकर शिकायत दर्ज करें।
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पुलिस की पाठशाला - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वहीं, स्कूल के प्रधानाचार्य ललित मोहन कुमार ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा, इस तरह के कार्यक्रम बच्चों को जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाने का काम करते हैं। समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित होने चाहिए।
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पुलिस की पाठशाला में बच्चो को जानकारी एसटीएफ एसएसपी आयुष अग्रवाल। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पाठशाला में साइबर थाने के सब इंस्पेक्टर राजेश ध्यानी ने पीपीटी के माध्यम से छात्र-छात्राओं को सोशल मीडिया से होने वाले साइबर फ्रॉड के बारे में बताया, उन्होंने कहा, इंटरनेट के प्रयोग के दौरान एक हल्की सी चूक हमें लाखों रुपये का चूना लगा सकती है। ऐसे में इंटरनेट और सोशल मीडिया का प्रयोग सावधानी और सतर्कता के साथ करें।

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पुलिस की पाठशाला - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
छात्रों को हिदायत देते हुए उन्होंने कहा, फर्जी वेबसाइट से होने वाले फ्रॉड से बचने के लिए किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में फेक अकाउंट न बनाए और न ही किसी अंजान व्यक्ति के साथ सोशल मीडिया में संपर्क पर आएं।

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पुलिस की पाठशाला - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके अलावा अपने सोशल मीडिया अकाउंट का पासवर्ड सप्ताह भर बाद अवश्य बदलें। कहा, लोग अमूमन अपने सोशल मीडिया अकाउंट का पासवर्ड अपना मोबाइल नंबर या जन्म तिथि को रखते हैं। इससे उनका अकाउंट हैक होने की काफी संभावना है।
 
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