पाकिस्तान को मुंह तोड़ जवाब देने के लिए उत्तराखंड पुलिस के कांस्टेबल सतीश चंद त्यागी का खून खौल रहा है। ऋषिकेश कोतवाली में तैनात एक कांस्टेबल ने वापस फौज में जाकर दुश्मनों के दांत खट्टे करने के लिए एसएसपी से अनुमति मांगी है।
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भारतीय जवानों द्वारा पीओके में जाकर सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान से दो-दो हाथ करने के लिए उत्तराखंड के वीरों की भुजाएं फड़क रहीं हैं। कांस्टेबल का कहना है कि पाक से जंग लड़ने की उनकी पुरानी इच्छा है।
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देहरादून की ऋषिकेश कोतवाली में तैनात सिपाही सतीश चंद त्यागी (50) 1982 से लेकर 2000 तक भारतीय सेना में रहे। बाद में वीआरएस लेकर त्यागी 2002 में उत्तराखंड पुलिस में आ गये थे। उड़ी हमले के बाद भारतीय जवानों द्वारा पीओके में जाकर आतंकवादियों को मार गिराने पर पूरे देश में जोश उमड़ा हुआ है।
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sadanand date
हर कोई बॉर्डर पर जाकर दुश्मनों को सबक सिखाने को आतुर है। इसी कड़ी में सतीश चंद ने तीन दिन पहले लिखा-पढ़ी में एसएसपी सदानंद दाते से बॉर्डर पर जाने के लिए अनुमति मांगी थी।
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सोमवार को कांस्टेबल त्यागी ने कप्तान के सामने पेश होकर अपनी बात दोहरायी। एसएसपी ने कहा कि इस बारे में विधिक राय लेकर वह निर्णय लेंगे।
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भारतीय सेना
त्यागी ने बताया कि वह पाक के खिलाफ जंग में शामिल होने की इच्छा बरसों से रखते हैं। 1987 में पाक से जंग के हालात बने थे, लेकिन सुलह होने के कारण युद्ध टल गया था। वह वीआरएस लेकर सेना से वापस आ गए थे। अब जंग के हालात बनने के कारण उनकी इच्छा फिर से जागृत हो गई है।
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Indian Army
- फोटो : File Photo
वह देश के लिए कुछ करना चाहते हैं। वह अचूक निशानेबाज है। बता दें कि मूल रूप से मुजफ्फरनगर के खाईखेडी के रहने वाले सतीश चंद त्यागी अब अपने परिवार के साथ रुड़की में रह रहे हैं।
ऋषिकेश कोतवाली में तैनात सिपाही सतीश चंद त्यागी ने बार्डर पर जाने के लिए अनुमति मांगी है। इस बारे में विधिक राय ली जा रही है।
- डॉ. सदानंद दाते, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक