ज्योतिषाचार्य गौरव आर्य के अनुसार, 17 सितंबर को स्थायी जय, स्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि का योग है। श्राद्ध काल में द्विपुष्कर योग भी है। 18 सितंबर को यायी योग है। इन शुभ योग में नया वाहन, नवीन आभूषण, कपड़ा, जमीन या अन्य वस्तुओं की खरीद से पितरों का आशीर्वाद बरसता है।