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कुदरत का करिश्मा, गुफा में बनी हैं नायाब पेंटिंग्स, देखिए तस्वीरें

Mon, 15 Jun 2015 10:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में कांडा के पास स्थित जोगाबाड़ी की प्राकृतिक गुफा के अंदर कुदरत ने अपनी नायाब कलाकारी का तोहफा दिया है। तस्वीरों में गुफा का शानदार नजारा...
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कुदरत का क‌रिश्मा, गुफा में बनी हैं नायाब पेंटिंग्स, देख‌िए तस्वीरें

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जोगाबाड़ी गांव में यह गुफा बाजार से लगभग तीन किमी नीचे है। गुफा का प्रवेश द्वार अत्यधिक संकरा होने के कारण स्वस्थ लोग ही पेट के बल घिसटकर अंदर जा सकते हैं, किंतु वहां पहुंचने पर एक मायावी दुनिया से सामना होता है। गुफा में बहता सुंदर झरना, छोटी सी झील और मनमोहक आकृतियां हैं। तस्वीरें और स्टोरी- आनंद नेगी।
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गुफा के अंदरूनी छोर से एक झरना बहता है जिससे गुफा हमेशा झील की तरह लबालब भरी रहती है। गर्मियों में भी यहां दो फीट तक पानी रहता है। झरने का यह पानी स्थानीय नाले से होता हुआ भद्रकाली नदी में मिल जाता है। इस गुफा में सबसे हैरत में डालने वाली चीजें सफेद और कुछ अन्य रंगों की चट्टानों पर बनी आकृतियां हैं।

कुदरत का क‌रिश्मा, गुफा में बनी हैं नायाब पेंटिंग्स, देख‌िए तस्वीरें

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इसकी दीवारों से लेकर छत तक ऐसी दर्जनों आकृतियां हैं, जो ब्रह्मकमल, शेषनाग, शिव, ब्रह्मा, विष्णु तथा अन्य देवी-देवताओं जैसी नजर आती हैं।
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कुछ लोगों का मानना है कि सदियों से बहते झरने के पानी से चट्टान की परतें घिस जाने के कारण ऐसी आकृतियां बनी हैं। इस गुफा की लंबाई लगभग दस मीटर, चौड़ाई छह मीटर और ऊंचाई तकरीबन सात फीट है। पांच साल पहले सामाजिक कार्यकर्ता अर्जुन माजिला ने इसका पता लगाया था।
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ज‌ि‌ला पर्यटन अध‌िकारी आरएस टेरी का कहना है क‌ि गुफा तक संपर्क मार्ग, आवासीय इकाई, स्थल सौंदर्यीकरण आदि के लिए 45 लाख का प्रस्ताव पर्यटन मुख्यालय को भेजा गया है। हम मंजूरी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। गुफा को रावतसेरा मार्ग से जोड़े की भी योजना है।
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