उत्तराखंड के पौड़ी जनपद की छात्रा को जिंदा जलाए जाने के बाद वह आधे घंटे से भी ज्यादा समय तक तड़पती रही। घटना के 22 मिनट बाद 108 सेवा पहुंची, लेकिन इस दौरान उसकी मदद के लिए कोई आगे नहीं आया। हालांकि जब 108 सेवा पहुंची, उस समय घटनास्थल पर एक कार व कुछ लोग खड़े भी थे। इससे लगता है कि हमारी संवेदना उसी दिन मर गई थी।