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भूकंप के बाद दहशत में रुद्रनगरी के लोग, घरों के अंदर जाने से रहे डर

Wed, 08 Feb 2017 02:55 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
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earthquake effect - फोटो : AmarUjala
सोमवार रात्रि को 10.33 बजे रिक्टर स्केल पर आए भूकंप के झटके से रुद्रप्रयाग के लोग अभी तक सहमे हुए हैं। भूकंप के झटकों से कई घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं जिसके चलते लोग घरों में जाने से डर रहे हैं। 
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earthquake effect - फोटो : AmarUjala
ऊखीमठ के राउलेंक में गौशाला टूटने से कई मवेशी जिंदा दफन हो गए। जबकि कालीमठ घाटी, मनसूना घाटी, मद्महेश्वर घाटी, त्रियुगीनारायण सहित जिले के अन्य क्षेत्रों के गांवों में कई भवनों पर गहरी दरारें आई हैं। कई भवनों के खिड़की, दरवाजे अपनी जगह छोड़ चुके हैं, जिससे खतरा बना है।
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earthquake effect - फोटो : AmarUjala
मंगलवार दोपहर 1.20 बजे भी भूकंप का तेज झटका महसूस किया गया। प्रशासन द्वारा जिले में अलर्ट जारी कर दिया गया है। एडीएम व एसडीएम को स्थिति पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। एसडीआरएफ को भी सतर्क रहने को कहा गया है।

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earthquake effect - फोटो : AmarUjala
रात्रि को 10.33 बजे 30 सेकंड तक आए भूकंप के झटके से जिले में अफरा-तफरी मच गई। भूकंप के तेज झटके से कालीमठ गांव में अमर सिंह के आवासीय मकान की दीवार बीच से फट गई, जिस कारण उसकी पत्नी सीता देवी और तीन माह के बच्चे को चोट आई। इस दौरान महिला व बच्चे को बचाने में पड़ोसी दीपक राणा के चेहरे पर एक पत्थर से चोट लग गई।
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earthquake effect - फोटो : AmarUjala
रात्रि 1.15 बजे थाना गुप्तकाशी के प्रभारी विपिन पाठक गांव पहुंचे और घायलों को 108 से अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गुप्तकाशी लाया गया। महिला के सिर पर तीन टांके आए हैं। उपचार के बाद उन्हें मंगलवार सुबह घर भेज दिया गया।
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earthquake effect - फोटो : AmarUjala
भूकंप का केंद्र रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग पर कुंड से बीरों-बष्टी के बीच होने के कारण केदारघाटी से लेकर कालीमठ घाटी में असर अधिक देखने को मिल रहा है। कालीमठ, कोटमा, और गौरीकुंड में चार आवासीय भवन क्षतिग्रस्त हो गए हैं। यहां अधिकांश लोगों ने पूरी रात जागकर बिताई।
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earthquake effect - फोटो : AmarUjala
स्थानीय लोगों ने बताया कि वे सभी स्टेशन पर एकत्रित हो गए थे। कहना है कि गांवों में कई मकान अब रहने लायक नहीं रह गए हैं। इसके अलावा कालीमठ घाटी के 10 से अधिक गांवों में 65 फीसदी से अधिक मकानों में गहरी व आंशिक दरारें आई हैं। घरों में पड़ी दरारों को लेकर ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है।
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गुप्तकाशी, ऊखीमठ में भी मध्य रात्रि के बाद भी अफरा-तफरी रही। अगस्त्यमुनि के गिवाला, सौड़ी सहित अन्य गांवों में घरों व गौशाला में दरारें आई हैं। जिलाधिकारी रंजना ने बताया कि सभी उप जिलाधिकारी/तहसीदार को स्थिति पर नजर बनाए रखने को कहा गया है। जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। राजस्व विभाग को क्षति का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। 
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