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Corona: लॉन्च होते ही सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगी बाबा रामदेव की कोरोनिल दवा, ऐसे करती है काम

Tue, 23 Jun 2020 08:19 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
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- फोटो : अमर उजाला
कोरोना वायरस की दवा के बारे में जानने के लिए लोगों में किस कदर उत्सुकता है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हरिद्वार में दोपहर करीब 12.30 बजे दवा लॉन्च होते ही कोरोनिल ट्विटर पर ट्रेंड करने लगी। दोपहर बाद तो यह ट्रेंडिंग में नंबर एक पर पहुंच गया, जो शाम तक बरकरार रहा। वहीं, कोरोनिल के अलावा स्वामी रामदेव, आयुर्वेद और पतंजलि भी ट्विटर ट्रेडिंग में टॉप 5 में रहा। वहीं, लोगों ने इसे अपने फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी शेयर करना शुरू कर दिया। 
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- फोटो : अमर उजाला
आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि कोरोनिल और श्वासारी वटी मनुष्य के फेफड़ों से लेकर इम्यूनिटी को बूस्ट कर संक्रमण की चेन को तोड़ देती है। कोरोना वायरस शरीर में प्रवेश कर फेफड़ों की बेसिक यूनिट एलवीयोलाई को हाईजैक कर उनकी आंतरिक कार्यप्रणाली को बाधित करता है। इस प्रक्रिया को यह औषधियां रोक देती हैं और फाइटर सेल को बढ़ाकर संक्रमण को प्रभावी ढंग से नियंत्रित कर कोरोना को खत्म कर देती है। सर्दी, बुखार, जुकाम, निमोनिया और सांस की तकलीफ में भी यह औषधियां प्रभावी तरीके से असर करती हैं। 
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- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि कोरोना के शत प्रतिशत इलाज के दावे के साथ पतंजलि योगपीठ ने जयपुर की निम्स यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर बनाई गई दवा को बाजार में उतार दिया है। दावा है कि कोरोना पॉजिटिव मामलों में यह तीन दिन में करीब 69 प्रतिशत और सात दिनों में शत प्रतिशत सकारात्मक परिणाम देती है। 

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वहीं, देर शाम को मीडिया रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए आयुष मंत्रालय ने पतंजलि से कोरोना की दवा से जुड़े विज्ञापनों को बंद करने और इसपर अपने दावे को सार्वजनिक करने से मना कर दिया है। सरकार का कहना है कि जब तक इसकी विधिवत जांच नहीं हो जाती, तब तक इसके प्रचार-प्रसार पर रोक लगी रहेगी।
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उधर, आचार्य बालकृष्ण का दावा है कि दवाओं की क्लिनिकल केस स्टडी दिल्ली, अहमदाबाद और मेरठ से लेकर देश के विभिन्न शहरों में दो स्तरों पर सरकारी और निजी तौर पर की गई है। दवा के बारे में केंद्र सरकार या आईसीएमआर के सामने आने के बारे में सवाल पूछने पर आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि क्लिनिकल ट्रायल रजिस्ट्री ऑफ इंडिया (सीटीआरआई) से अप्रूवल लेकर सरकार के सभी मानकों का पालन कर दवा का सफल ट्रायल किया गया है। 
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