शनिवार को देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में जब 401 यंग कैडेट्स सेना का हिस्सा बने तो उनका जोश और जज्बा देखने लायक था।
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passing out parade ima dehradun
- फोटो : AnilDogra/AmarUjala
आईएमए की ऐतिहासिक चेटवुड बिल्डिंग के सामने ड्रिल स्क्वॉयर पर कदमताल करते हुए 401 भारतीय और मित्र राष्ट्रों के 53 जेंटलमैन कैडेट्स ने अंतिम पग पार किया।
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भारत माता तेरी कसम तेरे रक्षक बनेंगे हम, आइएमए गीत पर कदमताल करते जेंटलमैन कैडेट ड्रिल स्क्वायर पर पहुंचे तो लगा कि विशाल सागर उमड़ आया है।
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कैडेट्स का शानदार कदमताल को दर्शक दीर्घा में बैठा हर कोई मंत्रमुग्ध नजरों से देखे जा रहा था। अंतिम पग भरते ही युवा सैन्य अधिकारियों पर आकाश से हेलीकॉप्टरों के जरिए पुष्पवर्षा की गई।
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- फोटो : AnilDogra/AmarUjala
उप थल सेनाध्यक्ष ले. जन हीरा ने परेड की सलामी लेने के बाद यंग ऑफिसरों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर आज चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में देश के सर्वश्रेष्ठ ऑफिसर देने वाले संस्थान के लिए भी चुनौती बढ़ी है।
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वहीं पासिंग आउट परेड के दौरान एक बार फिर ये साबित हुआ कि सेना की वर्दी के जज्बे के आगे कॉरपोरेट कल्चर की चकाचौंध भरी लाइफस्टाइल फीकी पड़ रही है।
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जज्बे और जोश के साथ सेना में बेहतर वेतन के साथ आकर्षक सहूलियतों के आगे युवाओं को निजी कंपनियों की नौकरी असुरक्षित लग रही है।
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भले ही निजी कंपनियां बड़े सैलरी पैकेज देती हैं, लेकिन युवा सेना में आने के लिए मौका नहीं गंवा रहे। बीटेक और एमबीए जैसे कोर्स के बाद भी सेना में अफसर बनना युवाओं को ज्यादा आकर्षित कर रहा है।