भोटिया जनजाति के लोगों का प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
सवाल- भोटिया जनजाति के ग्रामीणों की आजीविका का साधन क्या है?
जवाब- नीती और माणा घाटी में भोटिया जनजाति की जनसंख्या करीब 20 हजार है। ग्रामीणों के पास भूमि अब कम बची है। इसी भूमि पर राजमा, आलू की पैदावार करते हैं। ठंड अधिक होने से यहां धान, गेहूं की पैदावार नहीं होती है। कई ग्रामीण ऊन से गरम कपड़े बनाते हैं, जिन्हें मेले और चारधाम यात्रा में बेचते हैं।
‘अभी तक भोटिया जनजाति पर कुछ नहीं लिखा’
(आरोपी शिक्षक डॉ भगवती प्रसाद पुरोहित से बातचीत )
सवाल- आपने क्या भोटिया जनजाति पर कोई किताब लिखी है?
जवाब- नहीं, मैंने अभी तक भोटिया जनजाति पर कुछ नहीं लिखा है। कुछ लोग जो सनातन धर्म को मिटाना चाहते हैं, मूर्तियों का भंजन करते हैं, हिंदू धर्मग्रंथों को जलाते हैं, उनको इस बात से चिढ़ है कि मैं अपनी पुस्तकों से सनातन धर्म की वैज्ञानिकता को पुनर्स्थापित कर रहा हूं।