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देश की जानी-मानी कंपनी की बंदी का आदेश, केंद्रीय आर्थिक समिति ने लिया फैसला

Wed, 30 Nov 2016 11:29 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, हल्द्वानी
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HMT ranibagh - फोटो : AmarUjala
हल्द्वानी स्थित देश की जानी-मानी कंपनी एचएमटी रानीबाग इकाई को चार शर्तों के साथ बंद करने के आदेश से खलबली मच गई है। फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से सभी 146 कर्मियों को बर्खास्त करने का आदेश आनन-फानन में चस्पा कर दिया गया है।
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HMT ranibagh - फोटो : AmarUjala
कर्मियों को सुबह फैक्ट्री में नहीं जाने दिया गया। बाद में एमडी के बर्खास्तगी के आदेश वापस लेने के बाद फैक्ट्री कर्मी अंदर जा सके।
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modi - फोटो : Getty images
एचएमटी रानीबाग को बंद करने का निर्णय प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली आर्थिक समिति ने लिया था। बीती 23 नवंबर को भारत सरकार के श्रम मंत्रालय के उप सचिव की ओर से एचएमटी वॉच कंपनी के प्रबंध निदेशक बीएम शिवा शंकर को एचएमटी की बंदी के संबंध में पत्र लिखा गया। बंदी के लिए चार शर्तें भी थीं।

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HMT ranibagh - फोटो : AmarUjala
भेजा बर्खास्तगी लेटर
एचएमटी कामगार संघ के अध्यक्ष भगवान सिंह और महामंत्री मुकेश तिवारी ने कर्मियों को एक जनवरी 1997 से रिवाइस वेतनमान के साथ एरियर देने और ट्रेनिंग अवधि को भी सेवाकाल में जोड़ने की मांग की थी। एचएमटी की बंदी का आदेश आने के साथ ही स्थानीय प्रबंधन ने मंगलवार रात ही सभी 146 कर्मियों के बर्खास्तगी पत्र चस्पा करा दिए।
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HMT ranibagh - फोटो : AmarUjala
बर्खास्तगी पत्र प्रत्येक कर्मचारी को संबोधित करते हुए निकाला गया था। बुधवार सुबह एचएमटी के गेट बंद रहे और फैक्ट्री भी पूर्ण रूप से बंद कर दी गई थी। सभी कर्मचारी काफी समय तक बाहर खड़े रहे।
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HMT ranibagh - फोटो : AmarUjala
बाद में प्रबंध निदेशक बीएम शिवा शंकर ने यूनिट प्रमुख की ओर से 146 कर्मियों को जारी किए गए बर्खास्तगी के आदेश को वापस ले लिया। इधर, सिंह का कहना है कि प्रबंधन ने एक पक्षीय फैसला लिया और ये तानाशाही है।
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