अगर आप खर्राटे भरकर सोते हैं तो संभल जाइए। इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज करना कई बार खतरनाक हो सकता है।
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देहरादून स्थित श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में आयोजित ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एप्निया (ओएसए) जांच शिविर में मरीजों की जांच कर उन्हें खर्राटे से होने वाले नुकसान के संबंध में जानकारी दी गई। रोगियों की 20 फीसदी छूट पर स्लीप स्टडी जांच भी की गई।
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बृहस्पतिवार को अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनय राय और पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के डॉ. जगदीश रावत ने ओएसए जांच के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्लीप स्टडी मशीन की जांच रिपोर्ट के आधार पर मरीज जान सकता है कि ओएसए के वास्तविक कारण क्या हैं?
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उन्होंने बताया कि लोगों में नींद संबंधित समस्या खासतौर पर खर्राटों के दुष्प्रभावों के बारे में ज्यादा जागरूकता नहीं है। डॉ. जगदीश रावत ने कहा कि ओएसए में सांस के रास्ते की सामान्य मांसपेशियों में बदलाव आता है, जो भविष्य में हृदय रोगों का कारण भी बन सकता है।
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उन्होंने बताया कि नींद में चलना, नींद में बोलना, अत्यधिक सपने आना, पूरी नींद लेने का अहसास होने के बावजूद तरोताजगी महसूस न होना, नींद में हाथ-पैर चलाना, नींद में दौरे पड़ना जैसे लक्षण मनोरोग का कारण भी बन सकते हैं।
इन लक्षणों को नजरंदाज न करें
खर्राटे, मोटापा का लगातार बढ़ना, दिन में ज्यादा नींद आना, ड्राइविंग के समय सो जाना, सोते समय अचानक सांस रुकने के अहसास से नींद टूट जाना, सुबह उठने पर ताजगी महसूस न होना, चिडचिड़ापन, अत्याधिक थकान होना, सेक्स से विरक्ति, दवाईयों के बावजूद अनियंत्रित डायबिटीज़ (मधुमेह), छोटी व मोटी गर्दन के मामले में सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।