आंचल बिष्ट
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दून अस्पताल में नर्सिंग ऑफिसर के रूप में अपने सेवाएं दे रही हैं। वह बताती हैं कि नौकरी में कई बार ऐसे हालत होते हैं, कि मन दुखी होता है, लेकिन मरीज ठीक होकर जब घर जाता है तो डिस्चार्ज होते समय दुआ देता है। उस समय हृदय प्रसन्न हो जाता है। मानवता से बड़ी कोई सेवा नहीं है। घरवालों को भी हमारी चिंता सताती है, लेकिन संकट के समय में मरीजों को हमारी जरूरत ज्यादा है।
- आंचल बिष्ट, प्रेमनगर