मनुष्य के अंदर भी कई बार काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद, अहंकार, आलस्य, हिंसा और झूठ जैसे अवगुणों का समावेश हो जाता है जो हमारे स्वभाव का अंग होते हैं, कई बार हम जान नहीं पाते या पहचान नहीं पाते। दशहरा पर्व हमें उन अवगुणों का परित्याग करने की प्रेरणा देता है।