उत्तराखंड में बृहस्पतिवार को कई दिग्गजों ने पर्चा भरा। पौड़ी सीट से नामांकन पत्र दाखिल करते भाजपा प्रत्याशी बीसी खंडूरी।
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चौबीस साल बाद गले मिले उत्तराखंड के दो दिग्गज
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खंडूड़ी के नामांकन से पहले हुई जनसभा में मंच पर बैठे कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए सतपाल महाराज, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत तथा बीसी खंडूड़ी।
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खंड़ूड़ी और सतपाल महाराज 24 साल बाद फिर एक मंच पर नजर आए। खंडूड़ी ने 1998 में महाराज को पौड़ी सीट से ही हराकर रिकॉर्ड बनाया था।
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खंड़ूड़ी के नामांकन में लोगों की अच्छी उपस्थिति रही। नामांकन से पूर्व जनसभा को संबोधित करते बीसी खंडूड़ी।
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हरिद्वार लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी और पूर्व सीएम रमेश पोखरियाल निशंक ने भी 17 अप्रैल को पर्चा भरा।
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नामांकन के दौरान बेटी आरुषि हमेशा उनके साथ रहीं। नामांकने से पूर्व बेटी के साथ पूजा करते निशंक।
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समर्थकों के साथ नामांकन करने जाते निशंक।
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टिहरी सीट से निवर्तमान सांसद और भाजपा प्रत्याशी माला राज्य लक्ष्मी शाह राजधानी दून में नामांकन करने पहुंची।
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लोकतंत्र की महत्ता की एक झलक... महारानी राज्य लक्ष्मी शाह को भी अपने नामांकन के दौरान झुकना ही पड़ गया।
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राजे महाराजे भी आम बनने लगे हैं। शाह के नामांकन में उनके पति महाराज मनुजेंद्र शाह (गले में भाजपा का चिन्ह पहने हुए) भी पत्री के समर्थन में पहुंचे।
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टिहरी सीट से कांग्रेस प्रत्याशी साकेत बहुगुणा ने नामांकन दाखिल किया।
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आधी आए या तूफान साकेत को जिताना है... नामांकन से पूर्व जनसभा में जब आंधी के चलते मंच उखड़ गया तो सीएम हरीश रावत (दाहिने) कार की छत पर चढ़कर लोगो को संबोधित करने लगे।