फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रक्षा मंत्रालय की आंख और कान हैं देश के सीमांत गांव, यहां से पलायन होना चिंताजनक: निर्मला सीतारमण

Mon, 29 Jul 2019 08:32 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
1 of 6
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण - फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड के मसूरी में रविवार को हिमालयन कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचीं केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश के सीमांत गांव से हो रहे पलायन (बॉर्डर माइग्रेशन) पर चिंता व्यक्त की। 
विज्ञापन

2 of 6
हिमालयन कॉन्क्लेव - फोटो : अमर उजाला
वित्त मंत्री सीतारमण ने अपने संबोधन में कहा कि सीमांत गांव हमारे रक्षा मंत्रालय के आंख और कान हैं। ऐसे में सीमाओं से पलायन रोकना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। सीमा क्षेत्रों से पलायन का मतलब है, हमारी आंख और कान बंद होना।
विज्ञापन

3 of 6
हिमालयन कॉन्क्लेव - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से यह आयोजन हिमालयी राज्यों के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। लम्बे समय से इसकी आवश्यकता महसूस की जा रही थी। हिमालयन राज्य भारत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। 

4 of 6
हिमालयन कॉन्क्लेव - फोटो : अमर उजाला
इन सभी राज्यों का विकास भारत सरकार की प्राथमिकताओं में है। कहा कि सीमांत क्षेत्रों से पलायन को रोकने के लिए विशेष प्रयास करने होंगे। इसमें पंचायतीराज संस्थाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। दूरस्थ क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करा कर ही पलायन को रोका जा सकता है। 
विज्ञापन

5 of 6
हिमालयन कॉन्क्लेव - फोटो : अमर उजाला
इसके लिए हमें विकास के साथ ही पर्यावरणीय सुरक्षा पर भी ध्यान देना होगा। पर्वतीय राज्यों में ऑर्गेनिक कृषि पर फोकस किया जाना चाहिए। इसमें स्थानीय युवाओं को जोड़े जाने की जरूरत है। पर्वतीय क्षेत्रों के युवाओं के लिए स्टार्ट-अप महत्वपूर्ण हो सकते हैं। इससे पलायन तो रुकेगा ही साथ ही क्षेत्र भी आर्थिक रूप से विकसित होगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत - फोटो : अमर उजाला
केन्द्रीय वितमंत्री ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में स्थानीय समुदायों ने हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। विकास योजनाओं को फलीभूत करने के लिए स्थानीय समुदायों के सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। सम्मेलन में प्रतिभागी राज्यों द्वारा चर्चा किये गये विषयों पर केन्द्र द्वारा गंभीरता से विचार किया जायेगा। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें